प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नशा मुक्त भारत’ के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) गोरखपुर और उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक संयुक्त और सटीक छापेमारी में गांजा तस्करी के एक बड़े सिंडिकेट की कमर तोड़ दी है। वाराणसी के रोहनिया इलाके में हुई इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई में 124 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया है। तस्करों ने इस बार मादक पदार्थों को खपाने के लिए बेहद शातिराना तरीका अपनाया था, लेकिन जांच एजेंसियों की सतर्कता के आगे उनकी एक न चली।
सिल्क साड़ियों की आड़ में चल रहा था तस्करी का काला कारोबार
14 जून 2026 को मिली एक गुप्त सूचना के आधार पर एनसीबी और यूपी एसटीएफ की संयुक्त टीम ने वाराणसी के जगतपुर स्थित एक कूरियर कंपनी के गोदाम को घेरा। छापेमारी के दौरान जो नजारा सामने आया, उसने जांचकर्ताओं को भी हैरान कर दिया। तस्करों ने गांजे की खेप को बेहद चालाकी से सिल्क साड़ियों के बंडलों के भीतर छिपा रखा था। यही नहीं, शक से बचने के लिए उन्होंने कूरियर रसीदों पर फर्जी नाम और पते भी अंकित कर रखे थे।
गोदाम की गहन तलाशी में कुल 124 किलो गांजा बरामद हुआ, जिसे बेहद शातिराना तरीके से पैक किया गया था। इस मामले में पुलिस ने एक मुख्य तस्कर को मौके से ही धर दबोचा है। पकड़े गए आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट, 1985 की कठोर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
असम से यूपी तक का ‘नार्को रूट’ और खुलासे की तैयारी
प्रारंभिक पूछताछ और जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि गांजे की यह भारी-भरकम खेप सुदूर असम से लाई गई थी। तस्करों का लक्ष्य इस खेप को उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रानीपुर क्षेत्र में पहुंचाना था। फिलहाल, गिरफ्तार तस्कर से पूछताछ जारी है ताकि इस अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े मुख्य सरगनाओं और अन्य मोहरों का पता लगाया जा सके। एनसीबी और एसटीएफ की टीमें अब इस बात की तहकीकात कर रही हैं कि आखिर यह माल किस रूट से वाराणसी तक पहुंचा और किन प्रभावशाली लोगों को इसकी डिलीवरी मिलनी थी।
लगातार कार्रवाई से तस्करों में खलबली
यह कार्रवाई किसी एक घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि एजेंसी ने पिछले कुछ समय से नशा तस्करों के खिलाफ चौतरफा मोर्चा खोल रखा है। इससे पहले एनसीबी गोरखपुर ने देवरिया में एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए 406 किलोग्राम से अधिक गांजा बरामद किया था और चार तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा था। लगातार हो रही ये गिरफ्तारियां इस बात का प्रमाण हैं कि उत्तर प्रदेश के रास्ते हो रही मादक पदार्थों की तस्करी पर सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर है।
आपकी एक सूचना बचा सकती है समाज को
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने जनता से अपील की है कि नशा मुक्ति अभियान में वे भी अपनी जिम्मेदारी निभाएं। यदि आपको आसपास किसी भी प्रकार की नशीले पदार्थों की तस्करी या अवैध गतिविधियों की भनक लगे, तो बिना डरे इसकी सूचना ‘मानस’ राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन के टोल-फ्री नंबर 1933 पर दें। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम और पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी। समाज को नशे की दलदल से बाहर निकालने के लिए एजेंसी और जनता का यह तालमेल अत्यंत आवश्यक है।





















































