लखनऊ: उत्तर प्रदेश आधुनिक बुनियादी ढांचे और युवा सशक्तीकरण के एक नए स्वर्णिम दौर में प्रवेश कर रहा है। राज्य को रेल अवसंरचना और रोजगार के मोर्चे पर दो ऐतिहासिक सौगातें मिलने जा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आध्यात्मिक नगरी वाराणसी के मध्य चलने वाली देश की पहली अत्याधुनिक वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इसके साथ ही सूबे की राजधानी लखनऊ में युवाओं को स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से ‘सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण व रोजगार क्षेत्र विकास योजना’ का भी औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन दोनों पहलों को ‘नए उत्तर प्रदेश’ की विकास यात्रा में मील का पत्थर करार दिया है।
हाई-स्पीड कनेक्टिविटी से पर्यटन और कारोबार को मिलेगा विस्तार
बाबा विश्वनाथ के पावन धाम काशी से देश की राजधानी नई दिल्ली तक का रेल सफर अब और अधिक तेज, सुगम और आरामदायक होने जा रहा है। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के संचालन से न केवल दोनों प्रमुख नगरों के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, बल्कि यह सेवा प्रदेश के आर्थिक परिदृश्य को भी तेजी से बदलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए जानकारी साझा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के कर-कमलों से शुरू हो रही यह आधुनिक रेल सेवा राज्य के व्यापार, पर्यटन उद्योग तथा समग्र आर्थिक गतिविधियों को अप्रत्याशित गति प्रदान करेगी। इससे व्यापारियों, श्रद्धालुओं और आम यात्रियों को विश्वस्तरीय यात्रा का अनुभव प्राप्त होगा।
युवा प्रतिभाओं को निखारने के लिए सरदार पटेल कौशल योजना
परिवहन सुविधाओं के उन्नयन के साथ-साथ राज्य सरकार युवाओं की कार्यकुशलता और आजीविका के अवसरों को बढ़ाने पर भी समान रूप से जोर दे रही है। इसी क्रम में लखनऊ से शुरू होने जा रही ‘सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण व रोजगार क्षेत्र विकास योजना’ प्रदेश के कार्यबल को वैश्विक मानकों के अनुरूप दक्ष बनाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह महत्वाकांक्षी कार्यक्रम युवाओं के कौशल को तराश कर उन्हें सीधे निजी क्षेत्र में रोजगार और आत्मनिर्भर स्वरोजगार के नए रास्तों से जोड़ेगा। उन्होंने रेखांकित किया कि जहां एक ओर आधुनिक कनेक्टिविटी विकास की धुरी बन रही है, वहीं यह कौशल पहल राज्य के होनहार युवाओं को उत्तर प्रदेश की तीव्र प्रगति में सक्षम व आत्मनिर्भर भागीदार बनाएगी।
2017 से पहले की विसंगतियों को सुशासन से बदला: मुख्यमंत्री
सीएम योगी ने अतीत के प्रशासनिक और राजनीतिक परिवेश का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में संकीर्ण राजनीति का बोलबाला था। उस दौर में तुष्टीकरण, जातिवाद और परिवारवाद की प्रवृत्तियों ने न केवल समाज को टुकड़ों में बांटने का काम किया, बल्कि राष्ट्रीय एकात्मता की मूल भावना और सामाजिक सद्भाव को भी गहरी चोट पहुंचाई थी। मुख्यमंत्री के अनुसार, केंद्र और राज्य की ‘डबल इंजन’ सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में इस नकारात्मक परिपाटी को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। वर्तमान शासन व्यवस्था ‘राष्ट्र प्रथम’ के संकल्प और ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के ध्येय वाक्य पर केंद्रित होकर सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करने में जुटी है।
राष्ट्रीय एकता दिवस पर ‘रन फॉर यूनिटी’ से जुड़ने का आह्वान
लौह पुरुष ‘भारत रत्न’ सरदार वल्लभभाई पटेल के ऐतिहासिक योगदान का स्मरण करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल ने अपना पूरा जीवन देश की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए न्योछावर कर दिया था। उनकी इस अमूल्य विरासत को संजोए रखना और राष्ट्र को ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के रूप में सशक्त बनाना हर नागरिक का परम कर्तव्य है। उन्होंने नागरिकों से सरदार पटेल की जयंती और ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले ‘रन फॉर यूनिटी’ कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि हर नागरिक इस एकता दौड़ में शामिल होकर यह सिद्ध करे कि हमारा प्रत्येक कदम देश की अखंडता और ‘राष्ट्र प्रथम, सदैव प्रथम’ की अटूट प्रतिज्ञा को समर्पित है।












































