उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में उस वक्त सरगर्मी तेज हो गई जब नोएडा के दादरी क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी के खिलाफ एक कड़ा कानूनी कदम उठाया गया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रमुख नेता वेद नागर ने सपा प्रवक्ता पर सनातन धर्म की आस्था और हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का संगीन आरोप लगाते हुए स्थानीय थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले के सामने आने के बाद से ही राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है, जबकि पुलिस प्रशासन ने पूरे प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए तफ्तीश शुरू कर दी है।
बीजेपी नेता वेद नागर ने दर्ज कराई औपचारिक शिकायत
दादरी थाने में शनिवार की सुबह दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, भाजपा नेता वेद नागर ने अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए बताया कि वह स्वयं गुर्जर समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने अपनी शिकायत में स्पष्ट किया कि उनका समाज सदियों से भगवान शिव की अराधना करने के साथ-साथ भगवान विष्णु और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की गौरवशाली परंपराओं में अटूट आस्था रखने वाला सनातनी समाज है। नागर ने इस बात पर जोर दिया कि उनके पूर्वजों और महापुरुषों ने हमेशा राष्ट्रभक्ति, सनातन संस्कृति और देश की सीमाओं की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है।
शिकायतकर्ता ने गुर्जर समुदाय के ऐतिहासिक और स्वर्णिम पन्नों को याद करते हुए चक्रवर्ती सम्राट मिहिर भोज, वीरांगना राम प्यारी गुर्जर, राजमाता गुजरी और रामावतार भाटी जैसे महान व्यक्तित्वों को समाज का गौरव बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे महान इतिहास वाले समाज के भीतर जन्म लेने के बावजूद यदि कोई व्यक्ति राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए सनातन मान्यताओं पर कुठाराघात करे, तो इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
सनातन धर्म और देवी-देवताओं पर टिप्पणी का आरोप
शिकायत में मुख्य रूप से यह आरोप लगाया गया है कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मंच से हिंदू देवी-देवताओं, प्रभु श्री राम, श्रीकृष्ण और सनातन धर्म की मूल मान्यताओं के विरुद्ध अपमानजनक बयानबाजी की थी। भाजपा नेता का कहना है कि इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना बयानों से न केवल बहुसंख्यक समाज की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है, बल्कि इससे सामाजिक सौहार्द पर भी विपरीत असर पड़ने की आशंका है।
वेद नागर ने कहा कि राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं और स्वार्थ सिद्धि के लिए अपने ही धर्म और आराध्य देवी-देवताओं का सार्वजनिक रूप से उपहास उड़ाना या अपमान करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अक्षम्य अपराध है। उन्होंने दो टूक शब्दों में यह भी कहा कि गुर्जर समाज की असली पहचान किसी एक राजनीतिक चेहरे या दल से नहीं, बल्कि उसकी पारंपरिक सनातन संस्कृति, संस्कारों और पूर्वजों के बलिदानों से जुड़ी हुई है। समाज ऐसे किसी भी व्यक्ति को अपना आदर्श या प्रतिनिधि नहीं मान सकता जो खुलेआम सनातन आस्था के खिलाफ जहर उगलता हो।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में कसा शिकंजा
इस पूरे मामले की पुष्टि करते हुए दादरी थाने के प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार मिश्रा ने मीडिया को जानकारी दी कि भाजपा नेता द्वारा दी गई लिखित शिकायत और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने तुरंत कानूनी कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपी सपा नेता राजकुमार भाटी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं—352, 353(2) और 356 के अंतर्गत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है।
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद जब मीडियाकर्मियों ने इस पूरे विवाद पर सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी का पक्ष जानने का प्रयास किया, तो उनके आधिकारिक फोन नंबर पर संपर्क साधा गया। हालांकि, फोन उनके निजी सहायक द्वारा उठाया गया, जिन्होंने यह जानकारी दी कि फिलहाल भाटी साहब एक मीडिया चैनल को साक्षात्कार देने में व्यस्त हैं, जिसके चलते उनकी तरफ से तत्काल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आ सका है। पुलिस अब इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं, वीडियो साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आगे की वैधानिक जांच को तेजी से आगे बढ़ा रही है।















































