उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जनपद स्थित एक स्टोन क्रशर प्लांट में शनिवार को हुए भीषण हादसे ने चार कामगारों की जान ले ली। भगवती देई क्षेत्र में संयंत्र परिसर की एक इमारत का रैंप अचानक पाताल में समा गया, जिससे पूरी इमारत जमींदोज हो गई। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए खदान मालिक और प्लांट संचालकों सहित पांच नामजद व अन्य अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अहरौरा के भगवती देई में हुआ खौफनाक हादसा
यह दर्दनाक हादसा मिर्जापुर जिला मुख्यालय से तकरीबन 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित अहरौरा थाना क्षेत्र के भगवती देई इलाके में संचालित ‘एसएस रंजन स्टोन प्लांट’ में घटित हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जांच के मुताबिक, शनिवार को काम के दौरान अचानक इमारत की नींव से जुड़ा रैंप जमीन में धंसने लगा। देखते ही देखते कुछ ही पलों में पूरा भवन ताश के पत्तों की तरह ढह गया। इमारत गिरने की आवाज इतनी जोरदार थी कि आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग अनहोनी की आशंका से सहम उठे।
मलबे में तब्दील कार्यालय में दबे 4 श्रमिक, मौके पर तोड़ा दम
चुनार के उप जिलाधिकारी (एसडीएम) अनेक सिंह के अनुसार, जब यह ढांचा धराशायी हुआ, उस वक्त कार्यालय कक्ष के भीतर चार श्रमिक मौजूद थे। भवन का मलबा सीधे उनके ऊपर आ गिरा, जिससे उन्हें बाहर निकलने का संभलने तक का मौका नहीं मिला। राहत एवं बचाव दल ने जब तक मलबे को हटाया, तब तक चारों श्रमिक दम तोड़ चुके थे। अधिकारियों ने सभी शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी की।
सोनभद्र के एक ही गांव के रहने वाले थे सभी मृतक
हादसे की चपेट में आकर जान गंवाने वाले चारों श्रमिक पड़ोसी जनपद सोनभद्र के निवासी थे। मृतकों की शिनाख्त सोनभद्र के चुरक-चोपन क्षेत्र अंतर्गत बड़गांव निवासी 35 वर्षीय लाल बहादुर, 38 वर्षीय अशोक, 28 वर्षीय राकेश और 28 वर्षीय दुर्योधन के रूप में की गई है। एक ही गांव के चार युवकों की अकाल मौत की खबर जैसे ही सोनभद्र पहुंची, पूरे गांव में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पीड़ित परिवार की तहरीर पर बीएनएस धारा 105 के तहत मुकदमा
हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिक दुर्योधन के परिजन सूर्यबली की तहरीर पर अहरौरा थाने की पुलिस ने कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मामले में खदान संचालक मधुसूदन सिंह, संयंत्र मालिक शिवकुमार उर्फ पिंटू पटेल, विनोद पटेल, आनंद पटेल और प्लांट कर्मी मनोज यादव को नामजद किया गया है। इसके अलावा कुछ अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) के तहत केस दर्ज कर पूरे प्रकरण की गहन छानबीन शुरू कर दी है।





















































