लखनऊ में आयोजित ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आम जनमानस की समस्याओं को सुनकर मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। इस दौरान सीतापुर से आई एक महिला के गोसेवा संकल्प से प्रभावित होकर मुख्यमंत्री ने तत्काल अधिकारियों को निराश्रित गोवंश उपलब्ध कराने और सरकारी योजना का लाभ दिलाने का आदेश दिया। इसके साथ ही एक दिव्यांग की जमीन पर अवैध कब्जे के मामले में जांच कर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को सौंपा।
गोपालन से स्वावलंबन की राह चुनना चाहती हैं पूनम देवी
सीतापुर जनपद के हरगांव स्थित गुरुदेव नगर की निवासी पूनम देवी जनता दर्शन में अपनी विशेष मांग लेकर पहुंची थीं। उन्होंने मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए अवगत कराया कि वह गोपालन के माध्यम से आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार को आर्थिक संबल प्रदान करना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि उनके पास वर्तमान में 5 गायें हैं और अतिरिक्त गोवंश के पालन-पोषण के लिए पर्याप्त स्थान भी उपलब्ध है। यदि उन्हें और गोमाता उपलब्ध करा दी जाएं, तो वह दुग्ध उत्पादन एवं बिक्री के जरिए अपने परिवार का भरण-पोषण और समृद्धि सुनिश्चित कर सकेंगी।
मुख्यमंत्री सहभागिता योजना का लाभ दिलाने के निर्देश
पूनम देवी के प्रार्थना पत्र और उनके संकल्प को देखकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी हौसलाअफजाई की। मुख्यमंत्री ने मौके पर ही अपर मुख्य सचिव (पशुधन) को निर्देशित किया कि महिला को नियमानुसार निराश्रित गोवंश उपलब्ध कराया जाए। इसके अलावा उन्होंने मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के अंतर्गत गोवंश के भरण-पोषण हेतु मिलने वाली निर्धारित आर्थिक सहायता भी दिलाने के आदेश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार नियमानुसार योजनाओं का पूरा लाभ देगी। उन्होंने पूनम को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि गोमाता में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास होता है, इसलिए निष्ठापूर्वक गोसेवा करने से सभी कष्ट व बाधाएं दूर होती हैं। सावन के महीने में अपनी मांग पूरी होने पर पूनम देवी ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
दिव्यांग की जमीन से अवैध कब्जा हटाने का आदेश
जनता दर्शन के दौरान एक दिव्यांग फरियादी ने भी अपनी व्यथा मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई कि उसकी जमीन पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को निष्पक्ष जांच कराने और पीड़ित को हर संभव मदद उपलब्ध कराते हुए समस्या का त्वरित निस्तारण करने का निर्देश दिया।
समस्याओं के समयबद्ध समाधान पर जोर
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों से पहुंचे फरियादियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित प्रशासनिक व विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जनता की समस्याओं का समाधान पूरी संवेदनशीलता और तय समय-सीमा के भीतर किया जाए, ताकि किसी भी नागरिक को अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े।














































