लखनऊ में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार का कड़ा रुख
उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को पूरी तरह चाक-चौबंद बनाए रखने के लिए योगी सरकार लगातार गंभीर कदम उठा रही है। आगामी मानसून सत्र 2026 के मद्देनजर राज्य के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लखनऊ स्थित विधान भवन में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस महत्वपूर्ण बैठक में शासन और पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया कि प्रदेश के भीतर अमन-चैन और सुरक्षा कायम रखना सरकार की सर्वोपरि प्राथमिकता है। उन्होंने चेताया कि आम नागरिकों के उत्पीड़न या प्रशासनिक स्तर पर किसी भी प्रकार की लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों पर तुरंत गाज गिरेगी।
छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान, पर उपद्रवियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
बैठक में हालिया प्रदर्शनों और आंदोलनों के मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उपमुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना और विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है।
अतः पुलिस बल को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाने वाले छात्र प्रदर्शनकारियों को बेवजह परेशान न किया जाए। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कोई असामाजिक तत्व छात्र आंदोलनों की आड़ में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने या कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश करता है, तो उससे सख्ती से निपटा जाए और उसके खिलाफ कठोरतम वैधानिक कार्रवाई की जाए।
कांवड़ यात्रा की तैयारियों पर विशेष जोर, सुरक्षा और सुविधाओं का हो पुख्ता इंतजाम
आगामी आयोजनों को लेकर उपमुख्यमंत्री ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए। विशेष तौर पर कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने संबंधित सभी विभागों को आदेश दिया कि यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए आवागमन, सुरक्षा और अन्य जरूरी सुविधाएं सुचारू रूप से चलनी चाहिए।
असामाजिक तत्वों और माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर पैनी नजर रखने को कहा गया है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि तीर्थयात्रा के प्रबंधन और व्यवस्थाओं में कोताही बरतने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
साइबर अपराधियों पर कसेगा शिकंजा और सोशल मीडिया पर रहेगी कड़ी नजर
बढ़ते डिजिटल अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए उपमुख्यमंत्री ने साइबर अपराध नेटवर्क के खिलाफ व्यापक स्तर पर अभियान चलाने का आह्वान किया। उन्होंने साइबर पुलिस इकाइयों और तकनीकी टीमों को अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए ताकि ऑनलाइन धोखाधड़ी और ठगी के शिकार होने वाले पीड़ितों को तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।
इसके अलावा, अफवाहों, भ्रामक जानकारियों और समाज का आपसी सौहार्द बिगाड़ने वाली डिजिटल सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों की सघन निगरानी बढ़ाने का भी आदेश दिया गया है।
पारदर्शिता और जीरो-टॉलरेंस नीति पर बल
बैठक के अंत में जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण, ऑनलाइन ट्रैफिक चालान प्रणाली और अयोध्या से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर भी विमर्श किया गया। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि पुलिस और प्रशासन की ओर से की जाने वाली हर प्रवर्तन कार्रवाई पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और जनता के हितों को ध्यान में रखकर होनी चाहिए।
उन्होंने दोहराया कि उत्तर प्रदेश सरकार अपराध और अराजकता के विरुद्ध ‘जीरो-टॉलरेंस’ की नीति पर पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है, और शासन व्यवस्था में जवाबदेही, संवेदनशीलता तथा पारदर्शिता सुनिश्चित करना ही सरकार का मुख्य उद्देश्य है।





















































