उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में लापरवाही की एक बेहद दर्दनाक कीमत एक मासूम को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी है। नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली कलाधाम सोसाइटी के पास शनिवार की देर शाम एक खुले और पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिरने से छह साल के एक बच्चे की अकाल मृत्यु हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद से स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित ठेकेदार और उसके सहयोगियों पर कानूनी शिकंजा कस दिया है।
लापरवाही बनी नासूर: बोरिंग के लिए खोदे गए गड्ढे में जा गिरा बच्चा
मिली जानकारी के अनुसार, मृत मासूम की पहचान केंद्रीय विद्यालय के उप-प्रधानाचार्य सीवान यादव के छह वर्षीय बेटे के रूप में हुई है। शनिवार की शाम वह अन्य बच्चों के साथ कलाधाम सोसाइटी के समीप खेल रहा था। खेलते-खेलते वह अचानक उस जगह जा पहुंचा जहां बोरिंग कार्य के लिए पानी से भरा एक गहरा गड्ढा खोदा गया था। दुर्भाग्यवश, संतुलन बिगड़ने से वह उस जानलेवा गड्ढे में जा गिरा।
बच्चों के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर दौड़े। स्थानीय नागरिकों ने भारी मशक्कत के बाद बच्चे को पानी से बाहर निकाला और आनन-फानन में उसे नजदीकी अस्पताल ले गए। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं, स्थानीय लोगों में फूटा गुस्सा
इस tragic हादसे के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। नागरिकों का आरोप है कि यह गड्ढा ट्यूबवेल लगाने के लिए कई दिन पहले खोदा गया था, लेकिन इसके चारों ओर न तो किसी तरह की बैरिकेडिंग की गई थी और न ही कोई चेतावनी बोर्ड या संकेतक लगाया गया था। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासनिक स्तर पर या ठेकेदार द्वारा जरा भी सतर्कता बरती जाती और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाते, तो इस हंसते-खेलते बच्चे की जान बचाई जा सकती थी।
प्राधिकरण की बड़ी कार्रवाई: ठेकेदार समेत तीन की सेवाएं समाप्त, एफआईआर दर्ज
घटना की सूचना मिलते ही ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण भी हरकत में आया। प्राधिकरण के महाप्रबंधक एके सिंह ने इस दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में खुलासा किया कि सोसाइटी में पेयजल की समस्या के स्थायी समाधान के लिए ट्यूबवेल लगाने की अनुमति दी गई थी, लेकिन ठेकेदार द्वारा बोरवेल को निर्धारित स्थान के बजाय बिना किसी पूर्व सूचना या अनुमति के दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया गया, जिसके कारण यह अनहोनी घटी।
लापरवाही की पुष्टि होने के बाद प्राधिकरण ने कड़ा कदम उठाते हुए ठेकेदार मनोज जैन, सुपरवाइजर जॉनी और टेक्निकल सुपरवाइजर आकाश के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी है। साथ ही, इन तीनों की सेवाएं भी तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं।
पहले भी मिल रही थीं शिकायतें, सवालों के घेरे में कार्यप्रणाली
मृतक बच्चे के पड़ोसी कालीचरण गुप्ता ने इस मामले में प्रशासन और विकास कार्यों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि क्षेत्र में विकास कार्य तो शुरू कर दिए जाते हैं, लेकिन सुरक्षा मानकों को पूरी तरह ताक पर रख दिया जाता है। स्थानीय निवासियों का यह भी कहना है कि इससे पहले भी खुले में छोड़े गए गड्ढों की कई बार शिकायतें की गई थीं, परंतु जिम्मेदार अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।
पुलिस जांच में जुटी, कानूनी प्रक्रिया जारी
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए नॉलेज पार्क कोतवाली के प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि पीड़ित परिजनों की ओर से प्राप्त तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस इस पूरी दुर्घटना के तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि नियमों की अनदेखी कहां और किस स्तर पर हुई थी।





















































