उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में मंगलवार की तड़के सुबह एक बड़ी त्रासदी लेकर आई, जब दिल्ली से बिहार जा रही यात्रियों से भरी एक बेकाबू बस आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर पलट गई। इस खौफनाक सड़क हादसे में ड्यूटी पर तैनात बिहार पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर (दारोगा) और एक कैदी समेत 6 लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि 15 से ज्यादा यात्री गंभीर रूप से घायल हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस हृदयविदारक घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए प्रशासन को युद्ध स्तर पर राहत-बचाव और घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं।
तड़के सुबह एक्सप्रेसवे पर गूंजी मासूमों और महिलाओं की चीखें
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से गुजरने वाला आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे मंगलवार तड़के एक बड़े हादसे का गवाह बन गया। दिल्ली से यात्रियों को लेकर बिहार की ओर जा रही एक तेज रफ्तार बस अचानक अनियंत्रित हो गई। हादसे के वक्त बस में 30 से अधिक लोग सवार थे और ज्यादातर यात्री गहरी नींद में थे। औरास थाना क्षेत्र के किलोमीटर संख्या 262 के पास बस जैसे ही बेकाबू होकर पलटी, अंदर सो रहे यात्रियों में कोहराम मच गया।
हादसा इतना भीषण था कि टक्कर लगते ही कई यात्री बस के शीशे तोड़ते हुए एक्सप्रेसवे से नीचे जा गिरे। चारों तरफ खून से लथपथ लोग और चीख-पुकार का मंजर था। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तुरंत पुलिस को इस भयावह दुर्घटना की सूचना दी, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।
खाकी का फर्ज और अधूरी रह गई वापसी की राह
इस दर्दनाक हादसे ने पुलिस महकमे को भी बड़ा झटका दिया है। दुर्घटना में जान गंवाने वाले 6 लोगों में बिहार पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर और एक विचाराधीन कैदी भी शामिल हैं। मृतक दारोगा की शिनाख्त रामचंद्र के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के सीवान जिले के रहने वाले थे।
जानकारी के मुताबिक, दारोगा रामचंद्र अपनी आधिकारिक ड्यूटी के तहत कैदी छत्रपाल को लेकर दिल्ली गए हुए थे। वहां कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों इसी बस से वापस बिहार लौट रहे थे। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही एक्सप्रेसवे पर दोनों की दर्दनाक मौत हो गई। इस खबर के बाद सीवान स्थित दारोगा के परिवार में मातम पसरा हुआ है और पूरा पुलिस विभाग शोक में है।
औरास पुलिस और यूपीडा का त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की भनक लगते ही यूपीडा (UPEIDA) की पेट्रोलिंग टीम और औरास थाने की पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। गैस कटर और क्रेन की मदद से बस को सीधा किया गया और अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकालने का काम युद्ध स्तर पर शुरू हुआ। पुलिस और बचाव कर्मियों ने स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को फौरन एंबुलेंस के जरिए नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और उन्नाव जिला अस्पताल पहुंचाया। शुरुआती पुलिस जांच में अंदेशा जताया जा रहा है कि भोर के समय बस चालक को नींद की झपकी आ गई होगी, जिसके चलते यह जानलेवा हादसा हुआ।
लखनऊ ट्रॉमा सेंटर में हाई अलर्ट, जिंदगी की जंग लड़ रहे घायल
हादसे में 15 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें से कई की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद, सिर और सीने में गंभीर चोट वाले यात्रियों को तुरंत लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया है। डॉक्टरों की विशेष टीम घायलों की जान बचाने के लिए लगातार निगरानी कर रही है। पुलिस फिलहाल बस ड्राइवर की तलाश और हादसे के सटीक तकनीकी कारणों की जांच में जुटी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताया गहरा दुख
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हुए इस भीषण हादसे की खबर मिलते ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल इसका संज्ञान लिया। सीएम योगी ने इस दुर्घटना में 6 लोगों की असामयिक मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं। मुख्यमंत्री ने उन्नाव के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि घायलों को हर संभव उच्च स्तरीय चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए और मृतकों के आश्रितों को जल्द से जल्द सरकारी मुआवजा प्रदान किया जाए।
लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर हुआ यह हृदयविदारक हादसा एक बार फिर रात और सुबह के समय लंबी दूरी की बसों की सुरक्षा, ओवरस्पीडिंग और चालकों की सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रशासन जहां एक तरफ घायलों की जान बचाने और मृतकों के परिवारों को ढांढस बंधाने में जुटा है, वहीं इस त्रासदी ने कई घरों के चिराग हमेशा के लिए बुझा दिए हैं। यह दुर्घटना हम सभी के लिए एक कड़ा सबक है कि एक्सप्रेसवे पर सफर के दौरान यातायात नियमों और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कितना जरूरी है।





















































