दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में लग्जरी वाहनों को अपना निशाना बनाने वाले एक बेहद शातिर अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का नोएडा पुलिस ने पर्दाफाश किया है। नोएडा के थाना सेक्टर-58 पुलिस टीम ने एक बड़ी और ऐतिहासिक कामयाबी हासिल करते हुए इस हाई-प्रोफाइल गैंग के दो मुख्य सदस्यों को धर दबोचा है। पकड़े गए बदमाशों के पास से महिंद्रा थार और हुंडई क्रेटा जैसी महंगी और लग्जरी कारों सहित कुल तीन गाड़ियां बरामद की गई हैं। यह गैंग चोरी की इन गाड़ियों को बेहद चालाकी से देश के पूर्वोत्तर राज्यों (North-East States) में सप्लाई करता था। पुलिस अब इस पूरे सिंडिकेट की जड़ों को खंगालने में जुट गई है।
सर्विस सेंटर और शोरूम से करते थे ‘रेकी और गेम’
इस हाई-टेक गैंग का काम करने का तरीका (Modus Operandi) बेहद पेशेवर और चौंकाने वाला था। पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई है कि ये शातिर चोर लग्जरी गाड़ियों के सर्विस सेंटरों और बड़े कार शोरूमों के बाहर कई दिनों तक बारीकी से रेकी करते थे। जैसे ही उन्हें कोई लूपहोल या मौका मिलता, वे गार्ड रूम या सर्विस सेंटर के अन्य हिस्सों से गाड़ियों की ओरिजिनल चाबियां पार कर देते थे। चाबी हाथ लगते ही चंद सेकंडों में ये महंगी गाड़ियों को लेकर रफूचक्कर हो जाते थे। चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद, पुलिस और चेकिंग से बचने के लिए ये गाड़ियों के इंजन नंबर और चेसिस नंबर में बड़ी ही सफाई से बदलाव (Tampering) कर देते थे, जिससे गाड़ी की असली पहचान पूरी तरह मिट जाती थी।
पूर्वोत्तर राज्यों तक फैला था तस्करी का जाल, बेच चुके हैं 60 गाड़ियां
इस गैंग का आपराधिक नेटवर्क सिर्फ दिल्ली या उत्तर प्रदेश तक ही सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार देश के कई अन्य दूरस्थ राज्यों से गहराई से जुड़े हुए थे। पुलिस जांच में यह बड़ा खुलासा हुआ है कि ये आरोपी चोरी की गई इन लग्जरी गाड़ियों को असम बॉर्डर के रास्ते मिजोरम और त्रिपुरा जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में ऊंचे दामों पर बेच देते थे। गिरफ्तार बदमाशों ने पुलिस के सामने खुद यह सनसनीखेज कबूलनामा किया है कि वे अब तक अपने इस अंतरराज्यीय सिंडिकेट के जरिए लगभग 60 से अधिक चोरी की गाड़ियों को ठिकाने लगा चुके हैं।
जाल बिछाकर हुई गिरफ्तारी, अवैध हथियार भी मिले
नोएडा पुलिस लगातार इस सक्रिय गैंग की तलाश में जुटी हुई थी। इसी कड़ी में 19 जून को पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस और अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस का बेहतरीन तालमेल बिठाते हुए सेक्टर-54 स्थित खरगोश पार्क के समीप सख्त घेराबंदी की। इस सटीक और गुप्त ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने नीरज शर्मा और अजय सरकार नाम के दो शातिर अपराधियों को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपी नीरज शर्मा के पास से पुलिस ने .315 बोर का एक अवैध देसी तमंचा और एक जिंदा कारतूस भी बरामद किया है।
महज 24 घंटे में बरामद हुई ‘महिंद्रा थार’, दिल्ली से जुड़े हैं तार
पुलिस ने इन दोनों आरोपियों की निशानदेही पर तीन लग्जरी गाड़ियां जब्त की हैं। इनमें एक महिंद्रा थार (Mahindra Thar), एक हुंडई क्रेटा (Hyundai Creta) और एक फोर्ड ईकोस्पोर्ट (Ford EcoSport) शामिल है। बरामद की गई महिंद्रा थार को हाल ही में सेक्टर-59 स्थित एक कार शोरूम के बाहर से चुराया गया था। इस मामले में थाना सेक्टर-58 पुलिस ने गजब की फुर्ती दिखाते हुए महज 24 घंटे के अंदर इस चोरी का खुलासा कर दिया और गाड़ी बरामद कर ली। वहीं, जब्त की गई क्रेटा कार वर्ष 2023 में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से चुराई गई थी, जिसकी एफआईआर दिल्ली के ई-पुलिस स्टेशन एमवी थेफ्ट (MV Theft) में पहले से दर्ज है। फोर्ड ईकोस्पोर्ट कार को भी दिल्ली से ही पार किया गया था।
पेशेवर और हिस्ट्रीशीटर अपराधी हैं नीरज और अजय
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी शातिर और पेशेवर अपराधी हैं। मुख्य आरोपी नीरज शर्मा मूल रूप से उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले का रहने वाला है, जबकि उसका साथी अजय सरकार पश्चिम बंगाल के कूचबिहार का निवासी है। पुलिस के आपराधिक रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला है कि इन दोनों पर पहले से ही वाहन चोरी और अन्य जघन्य अपराधों के कई मुकदमे दर्ज हैं। खासकर नीरज शर्मा के खिलाफ दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में वाहन चोरी और आर्म्स एक्ट (Arms Act) के तहत कई मामले चल रहे हैं। नोएडा पुलिस अब इस गैंग से जुड़े वाहन खरीदने वाले डीलरों, गैंग के अन्य फरार सदस्यों और अन्य राज्यों में फैले इनके व्यापक नेटवर्क की सरगर्मी से तलाश कर रही है।





















































