सहारनपुर – शहर के मुख्य चौराहे घंटाघर पर यातायात पुलिस के एक उप निरीक्षक द्वारा एक युवक को लातों से पीटने का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए आरोपी अधिकारी को लाइन हाजिर करने का आदेश दिया है। इस कृत्य ने आम लोगों में आक्रोश पैदा किया है और सवाल उठने लगे हैं कि आखिर कानून का प्रतिनिधि किस आधार पर इस तरह का व्यवहार कर सकता है।
वायरल वीडियो में क्या दिखा?
सोशल मीडिया पर जारी हुए इस वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि वर्दीधारी यातायात उप निरीक्षक एक सड़क किनारे खड़े युवक को बार-बार लात मार रहा है। आसपास मौजूद कुछ लोग इस घटना को देखते रहे, लेकिन किसी ने तत्काल हस्तक्षेप नहीं किया। वहीं, मौके पर खड़े एक नागरिक ने इस पूरे घटनाक्रम को अपने मोबाइल में कैद कर लिया और बाद में इसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर डाल दिया। कुछ ही घंटों में यह वीडियो सैकड़ों लोगों के बीच वायरल हो गया, जिसके बाद इस पर विभिन्न धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने भी प्रतिक्रिया दी।
एसपी ने लिया संज्ञान, जांच के आदेश
मामला सामने आते ही यातायात पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने इस घटना को गंभीरता से लिया। उन्होंने तुरंत आरोपी उप निरीक्षक को लाइन हाजिर कर दिया, जिसका अर्थ है कि अब वह अपने नियमित कर्तव्यों का निर्वहन नहीं कर सकता और जांच पूरी होने तक उसे विभागीय आदेशों का पालन करना होगा।
एसपी (ट्रैफिक) ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में बताया, “वायरल वीडियो को लेकर हमने गंभीरता दिखाते हुए विभागीय स्तर पर जांच शुरू कर दी है। हम वीडियो की सत्यता, घटना की वास्तविक परिस्थितियों और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराएंगे। जांच के बाद ही कड़ी कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा।”
अब तक क्या है मामले की पड़ताल?
अभी तक इस बात का खुलासा नहीं हो पाया है कि आरोपी दरोगा ने युवक के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया और घटना किस कारण से हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि युवक किसी मामूली ट्रैफिक उल्लंघन या बहस के चलते इस अधिकारी के गुस्से का शिकार बना हो सकता है। हालांकि, पुलिस प्रशासन इन बिंदुओं पर स्पष्टीकरण देने से फिलहाल बच रहा है और कह रहा है कि जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
सोशल मीडिया पर उबाल
इस घटना का वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने विभिन्न प्रतिक्रियाएं व्यक्त की हैं। कई लोगों ने इसे ‘पुलिस की मनमानी’ करार देते हुए आरोपी के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, कुछ लोग इस वीडियो की सत्यता पर संदेह व्यक्त करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की बात कर रहे हैं।
प्रशासन की सख्ती से बढ़ी उम्मीद
यातायात पुलिस अधीक्षक के तुरंत हस्तक्षेप और आरोपी अधिकारी को लाइन हाजिर करने के फैसले से जनता में यह उम्मीद जगी है कि सरकारी अधिकारी अपनी गलतियों से बच नहीं सकते। अब सभी की निगाहें इस जांच के नतीजों और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं। फिलहाल, पुलिस विभाग की ओर से कहा गया है कि वीडियो की पड़ताल और घटनास्थल के गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे, ताकि मामले के हर पहलू को स्पष्ट किया जा सके।





















































