राज्य के सोनभद्र और बाराबंकी जिलों से एक के बाद एक दो हृदयविदारक घटनाएं सामने आई हैं, जिन्होंने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इन अलग-अलग घटनाओं में नदियों में स्नान करने उतरे कुल पांच लोगों की असमय मौत हो गई है। मरने वालों में दो सगे भाई भी शामिल हैं, जिनकी जान अपने छोटे भाई को बचाने की कोशिश में चली गई। एक साथ हुई इन मौतों ने परिवारों की खुशियों को मातम में बदल दिया है।
सोनभद्र: मांगलिक रस्म के दौरान सोन नदी में गई 3 जानें
सोनभद्र के चोपन थाना क्षेत्र स्थित मीतापुर गांव में एक शादी समारोह की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं जब परिवार के लोग नदी किनारे एकत्रित हुए थे। अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार के अनुसार, शादी के बाद ‘चौथी’ की रस्म निभाने के लिए परिजन और रिश्तेदार सोन नदी के तट पर पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ महिलाएं और बच्चे नदी में नहाने उतरे।
हादसा तब हुआ जब 16 वर्षीय बोलबम और 15 वर्षीय दीपक नहाते समय अचानक गहरे पानी में चले गए। उन्हें डूबता देख बचाने की कोशिशें शुरू हुईं, लेकिन पानी की गहराई के कारण वे बाहर नहीं निकल सके। इसी बीच, पुलिस को पास ही के एक अन्य युवक संदीप (18) के भी नदी में डूबने की सूचना प्राप्त हुई। घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. धर्मवीर तिवारी ने आरोप लगाया कि नदी में अवैध खनन के कारण बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जो नहाने वालों के लिए मौत का जाल साबित हो रहे हैं। राज्य मंत्री संजीव कुमार गोंड ने घटनास्थल का दौरा कर पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। शवों की तलाश के लिए एसडीआरएफ (SDRF) की टीम को तैनात किया गया है।
बाराबंकी: छोटे भाई को बचाने के प्रयास में बड़े भाई ने गंवाई जान
वहीं, बाराबंकी के हैदरगढ़ स्थित प्रसिद्ध अवसानेश्वर धाम में गोमती नदी ने दो होनहार भाइयों को निगल लिया। लोनीकटरा क्षेत्र के बुधनापुर निवासी अशोक कुमार पांडेय के बेटे ऋतिक पांडेय (14) और गजेंद्र पांडेय (18) सुबह करीब साढ़े नौ बजे दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे थे। स्नान के दौरान अचानक 14 वर्षीय ऋतिक गहरे पानी में फंसकर डूबने लगा।
अपने छोटे भाई को मौत के मुंह में जाता देख 18 वर्षीय गजेंद्र ने बिना सोचे-समझे नदी में छलांग लगा दी। उसे लगा कि वह भाई को बचा लेगा, लेकिन दुर्भाग्यवश वह भी गहरे पानी की चपेट में आ गया। बाद में गोताखोरों की मदद से ऋतिक को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। काफी मशक्कत के बाद गजेंद्र का शव भी बरामद कर लिया गया। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
सुरक्षा के प्रति बरती गई लापरवाही पड़ रही भारी
नदियों के तट पर बढ़ते हादसों ने स्थानीय प्रशासन और आम जनता के लिए सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नदियों में नहाने के दौरान गहराई का अंदाजा न होना, अवैध खनन से बने गड्ढे और विषम परिस्थितियों में की गई जल्दबाजी अक्सर जानलेवा साबित हो रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अनजान जलस्रोतों में नहाते समय अत्यधिक सावधानी बरतें और बच्चों को गहरे पानी से दूर रखें।





















































