चलते पहियों के बीच उठा धुआं, मची अफरा-तफरी
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में शुक्रवार को एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया, जब पटरियों पर दौड़ रही शहीद एक्सप्रेस के एक स्लीपर कोच से अचानक भयंकर धुआं और लपटें उठने लगीं। ट्रेन के भीतर अचानक फैली इस आफत को देखकर यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई और भारी दहशत का माहौल बन गया। खतरे की गंध भांपते ही डिब्बे में सवार सतर्क यात्रियों ने अद्भुत सूझबूझ का परिचय दिया और तत्काल प्रभाव से इमरजेंसी चेन खींचकर ट्रेन को रोक लिया। गाड़ी के रुकते ही सहमे हुए यात्री अपनी जान बचाने के लिए तेजी से नीचे उतरने लगे, जिससे कुछ पलों के लिए मौके पर भगदड़ जैसे हालात पैदा हो गए।
सुरक्षा उपकरणों के काम न आने से बढ़ी मुसीबत
हादसे के दौरान यात्रियों की मुश्किलें तब और अधिक बढ़ गईं जब उन्होंने आग पर प्रारंभिक स्तर पर काबू पाने की कोशिश की। यात्रियों का आरोप है कि आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कोच के भीतर लगाए गए फायर एक्सटिंग्विशर (अग्निशमन यंत्र) मौके पर काम ही नहीं आए और उनके वॉल या लॉक नहीं खुल सके। इस तकनीकी और प्रबंधकीय खामी के कारण आग पर शुरुआती वक्त में नियंत्रण पाना मुमकिन नहीं हो सका।
सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें तुरंत हरकत में आ गईं और घटनास्थल पर जा पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत का परिचय देते हुए आधे घंटे से अधिक समय तक पानी की बौछारें कीं, जिसके बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। इस दुर्घटना के चलते ट्रेन काफी देर तक एक रेलवे फाटक के पास खड़ी रही, जिससे रेल मार्ग पर आवागमन भी प्रभावित हुआ।
चार्जिंग पॉइंट से चिंगारी भड़कने की आशंका
रेलवे सूत्रों और शुरुआती तकनीकी आकलन से यह अंदेशा जताया जा रहा है कि इस भयावह दुर्घटना की मुख्य वजह कोच के भीतर मौजूद चार्जिंग पॉइंट से निकली शॉर्ट सर्किट की चिंगारी हो सकती है। हालांकि, इस हादसे के वास्तविक और पुख्ता कारणों की तस्वीर रेलवे के वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञों की विस्तृत जांच के बाद ही पूरी तरह साफ हो पाएगी। गनीमत यह रही कि समय रहते ट्रेन को रोक लिया गया, वरना एक बड़ा और गंभीर जनहानि का हादसा पेश आ सकता था।
प्रशासनिक अमला पहुंचा मौके पर, यात्रियों में बरकरार रही चिंता
घटना की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी (CO) राजेश सोलंकी सहित तमाम पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए और हालात का जायजा लिया। सीओ ने मीडिया को जानकारी दी कि सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर रवाना हो गया था और उनके वहां पहुंचने तक दमकल कर्मियों ने आग को पूरी तरह बुझा दिया था। इस अचानक हुए हादसे के बाद ट्रेन के यात्री गहरे सदमे में नजर आए और अपनी आगे की यात्रा को लेकर उनके मन में लगातार चिंता बनी रही।











































