नोएडा पुलिस ने शहर की सड़कों पर पैदल चलने वाले निर्दोष राहगीरों को आतंकित कर लूटपाट और झपटमारी करने वाले एक कुख्यात गिरोह के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। सेक्टर-63 थाने की सक्रिय पुलिस टीम ने सटीक गुप्त सूचना और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए चार शातिर बदमाशों को बेनकाब कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से विभिन्न वारदातों में छीने गए कुल चौबीस मोबाइल हैंडसेट, एक उच्च गुणवत्ता वाला लैपटॉप, आठ हजार रुपये की नकदी, वारदातों में प्रयुक्त होने वाली दो हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिलें, डराने-धमकाने के लिए इस्तेमाल होने वाला एक धारदार अवैध चाकू और एक खिलौना पिस्टल बरामद की है।
एक बैग छिनैती की शिकायत से खुला पूरा नेटवर्क
इस संगठित लूट गिरोह के कारनामों का खुलासा उस समय हुआ जब एक पीड़ित व्यक्ति ने सेक्टर-63 कोतवाली में न्याय की गुहार लगाई। पीड़ित ने आधिकारिक तहरीर दर्ज कराते हुए बताया कि अज्ञात बाइक सवार लुटेरों ने अचानक धावा बोलकर उसका बैग लूट लिया था। छीने गए बैग में जरूरी कागजात, लैपटॉप, मोबाइल फोन चार्जर, नकदी और महत्वपूर्ण पहचान पत्र रखे हुए थे। हैरान करने वाली बात यह रही कि वारदात को अंजाम देने के कुछ ही देर भीतर पीड़ित के बैंक खाते से 11,600 रुपये की अवैध निकासी भी कर ली गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल सुसंगत धाराओं में केस दर्ज किया और आरोपियों की घेराबंदी के लिए विशेष पुलिस टीमों को मैदान में उतारा।
सर्विस रोड पर पुलिस की घेराबंदी, ऐसे चढ़े हत्थे
घटना के चौबीस घंटे के भीतर सेक्टर-63 पुलिस ने मुखबिरों के नेटवर्क और स्थानीय खुफिया तंत्र से मिले इनपुट को सक्रिय किया। 17 सितंबर को जब चारों संदिग्ध एफएनजी गोलचक्कर से बहलोलपुर अंडरपास की ओर जाने वाले सर्विस रोड से होकर गुजर रहे थे, तभी मुस्तैद पुलिस टीम ने रणनीतिक घेराबंदी कर उन्हें धर दबोचा। पुलिस हिरासत में लिए गए अभियुक्तों की पहचान 20 वर्षीय गर्वित गोयल, 21 वर्षीय अमन, 24 वर्षीय रोहित कुमार और 22 वर्षीय हर्ष कुमार के रूप में सुनिश्चित हुई।
दिल्ली-एनसीआर के रहने वाले हैं सभी आरोपी
जांच में सामने आया है कि इस गिरोह में शामिल सभी आरोपी दिल्ली और उससे सटे गाजियाबाद के रहने वाले हैं और कम उम्र में ही अपराध की दुनिया में कदम रख चुके हैं। मुख्य आरोपी गर्वित गोयल मूल रूप से बुलंदशहर के दौलतपुर का निवासी है और हाल में मयूर विहार फेज-3, न्यू कोंडली (दिल्ली) में रह रहा था; उसकी पढ़ाई नौवीं कक्षा तक हुई है। दूसरा आरोपी अमन पांडव नगर के नेहरू एन्क्लेव (दिल्ली) का रहने वाला है और वह भी नौवीं पास है। तीसरा आरोपी रोहित कुमार गाजियाबाद के खोड़ा कॉलोनी स्थित धर्म विहार का निवासी है, जिसने आठवीं कक्षा तक शिक्षा प्राप्त की है। वहीं चौथा अभियुक्त हर्ष कुमार भी खोड़ा कॉलोनी के इंदिरा विहार का निवासी है और वह दसवीं कक्षा तक पढ़ा हुआ है।
मजबूरी का बहाना बनाकर राह चलते लोगों को बेचते थे लूटा हुआ सामान
पुलिस द्वारा की गई विस्तृत पूछताछ में आरोपियों ने अपनी आपराधिक कार्यशैली का पर्दाफाश किया। उन्होंने स्वीकार किया कि वे नोएडा और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के सुनसान रास्तों पर पैदल चलने वाले राहगीरों को निशाना बनाते थे। अचानक हमला कर सामान छीनने के बाद वे तुरंत फरार हो जाते थे। पकड़े जाने से बचने के लिए वे लूटे गए मोबाइलों और गैजेट्स को किसी स्थायी दुकान पर बेचने के बजाय रास्तों में आम लोगों को अपनी पारिवारिक या आर्थिक लाचारी का झूठा झांसा देकर औने-पौने दामों में बेच दिया करते थे। पुलिस अब बरामद सभी 23 अतिरिक्त मोबाइलों के ईएमईआई नंबरों की जांच कर रही है ताकि अन्य अनसुलझे मामलों की कड़ियां जोड़ी जा सकें।





















































