प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिवस के पावन अवसर पर धर्मनगरी वाराणसी में ‘सेवा संकल्प अभियान’ का भव्य आगाज हुआ। इस ऐतिहासिक समारोह को संबोधित करते हुए देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्र निर्माण में प्रधानमंत्री के योगदान को ऐतिहासिक और अविस्मरणीय करार दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब भी भारत का राजनीतिक इतिहास लिखा जाएगा, उसमें स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होगा कि कैसे प्रधानमंत्री मोदी ने दशकों से नासूर बने नक्सलवाद की कमर तोड़ी, जम्मू-कश्मीर से धारा 370 के विवादित प्रावधानों को समाप्त कर देश को पूर्ण एकता के सूत्र में पिरोया और देश के करोड़ों निर्धनों को आर्थिक स्वावलंबन देकर गरीबी रेखा से ऊपर उठाया। उन्होंने कहा कि एक सच्चा और दूरदर्शी राजनेता वही है जो समाज को अपने पैरों पर खड़ा होना सिखाता है, और प्रधानमंत्री ने बीते वर्षों में यही कर दिखाया है।
जन्मभूमि वडनगर से कर्मभूमि काशी का अलौकिक संगम
वाराणसी के इस गरिमामयी मंच से रक्षा मंत्री ने काशी और गुजरात के वडनगर के आध्यात्मिक रिश्तों को गहराई से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि काशी और वडनगर को जोड़ने वाली यह विशेष सेवा यात्रा दरअसल जन्मभूमि को कर्मभूमि से मिलाने की जीवंत साधना है। एक ओर जहां वडनगर की पावन भूमि पर प्रधानमंत्री को अपनी पूज्य माता हीराबेन से त्याग, तपस्या और संस्कारों की अमूल्य पूंजी मिली, वहीं दूसरी तरफ बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी ने उनके सार्वजनिक जीवन को एक नई ऊर्जा और दिशा प्रदान की। रक्षा मंत्री ने स्मरण कराया कि यह संबंध आज का नहीं बल्कि दो सहस्राब्दी पुराना है। लगभग दो हजार वर्ष पूर्व सारनाथ के बौद्ध भिक्षु आध्यात्मिक शांति और ज्ञान के प्रसार हेतु वडनगर गए थे, और आज उसी प्राचीन विरासत को आधुनिक जनसेवा के रूप में पुनर्जीवित किया जा रहा है।
पूर्ववर्ती सरकारों की विफलता बनाम मोदी सरकार का निर्णायक नेतृत्व
पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों की नीतियों पर सीधा प्रहार करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि साल 2014 से पूर्व भारत निर्णायक अवसरों को गंवाने वाला देश बन चुका था। उस दौर में केंद्र में बैठी हुकूमतें या तो नीतिगत शिथिलता की शिकार थीं या फिर उन्हें अपनी कुर्सी बचाने की फिक्र रहती थी। सेमीकंडक्टर उद्योग का सटीक उदाहरण पेश करते हुए उन्होंने बताया कि दुनिया की एक अग्रणी चिप निर्माण कंपनी भारत में अपनी विनिर्माण इकाई स्थापित करना चाहती थी, लेकिन तत्कालीन संप्रग सरकार ने दो बार उसकी अर्जी ठुकरा दी, जिससे देश ने रोजगार और तकनीकी विकास का एक बड़ा मौका गंवा दिया। इसके विपरीत, प्रधानमंत्री मोदी ने जब सेमीकंडक्टर मिशन का बीड़ा उठाया, तो विरोधियों ने संशय जताया। आज भारत सेमीकंडक्टर हब बनने की ओर मजबूती से अग्रसर है।
25 वर्षों का अखंड जनसेवा का सफर और अंतरराष्ट्रीय मंच पर गूंजता भारत
राजनाथ सिंह ने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर 13 वर्ष और देश के प्रधानसेवक के रूप में 12 वर्ष पूरे कर कुल 25 वर्षों तक बिना रुके, बिना थके राष्ट्र की सेवा की है। विकास कार्यों की तुलना क्रिकेट से करते हुए उन्होंने कहा कि जो प्रशासनिक कार्य पहले टेस्ट मैच की धीमी गति से चलते थे, प्रधानमंत्री ने उन्हें ताबड़तोड़ ‘वन-डे मैच’ की तेज रफ्तार में बदल दिया। उन्होंने कहा कि पहले जब अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भारत का पक्ष रखा जाता था तो दुनिया उसे उतनी गंभीरता से नहीं सुनती थी, लेकिन आज वैश्विक कूटनीति में भारत की हैसियत यह है कि जब नई दिल्ली बोलती है, तो पूरी दुनिया कान खोलकर सुनती है। स्थानीय कारीगरी को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री जब विदेशी राष्ट्राध्यक्षों से मिलते हैं, तो उन्हें ‘लोकल फॉर वोकल’ के तहत काशी की प्रसिद्ध गुलाबी मीनाकारी से सज्जित ‘पिकॉक ब्रोच’ जैसे स्वदेशी उपहार भेंट कर भारतीय हुनर का मान बढ़ाते हैं। रक्षा मंत्री ने इस दौरान उपस्थित अपार जनसमूह से मोबाइल फोन की फ्लैशलाइट जलवाकर प्रधानमंत्री को जन्मदिन की सामूहिक बधाई दिलवाई।
10 राज्यों और 193 जिलों से होकर गुजरेगी ऐतिहासिक सेवा यात्रा: पंकज चौधरी
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी ने सेवा यात्रा के व्यापक प्रारूप का ब्योरा दिया। उन्होंने बताया कि काशी से 250 मोटरसाइकिलों पर सवार होकर 500 स्वयंसेवक पवित्र गंगाजल लेकर वडनगर की ओर रवाना हो रहे हैं, जबकि इसी तर्ज पर वडनगर से 250 बाइकों पर 500 युवा गुजरात की पावन नदियों का जल लेकर काशी आ रहे हैं। आगामी 7 अक्टूबर को वडनगर स्थित ऐतिहासिक बाबा हाटकेश्वर धाम में गंगाजल से और काशी में बाबा विश्वनाथ का गुजरात के पवित्र जल से पूर्ण विधि-विधान के साथ जलाभिषेक कर इस यात्रा का समापन होगा। यह विशाल यात्रा 10 राज्यों, 193 जिलों और 1,159 ग्रामों से गुजरते हुए कुल हजारों किलोमीटर का सफर तय करेगी, जिसमें अकेले उत्तर प्रदेश के 50 जिले सम्मिलित हैं। यात्रा मार्ग में रोजाना 60 से 80 स्थानों पर जन-जागरूकता सभाएं होंगी, जहां जल संरक्षण, नशा मुक्ति, पौधरोपण और प्लास्टिक मुक्त भारत की शपथ दिलाई जाएगी। हर पड़ाव पर 15 मिनट की प्रेरणादायी वृत्तचित्र का प्रदर्शन, स्थानीय जनसंवाद और स्वच्छता प्रहरियों का सम्मान भी किया जाएगा।
वैश्विक गौरव का प्रतीक बना भारत का नेतृत्व: चिराग पासवान
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने प्रधानमंत्री के करिश्माई नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि देश में पहले भी अनेक सरकारें आईं और गईं, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक क्षितिज पर भारत के आत्मसम्मान को जो नई ऊंचाई दी है, वह अभूतपूर्व है। बीते 12 वर्षों में उनकी दूरदर्शी नीतियों ने देश के हर वर्ग में आशा का संचार किया है। नरेंद्र मोदी महज एक पद या व्यक्ति का नाम नहीं, बल्कि भारत की अस्मिता, स्वाभिमान और विकसित भारत के संकल्प का दूसरा नाम हैं। उन्होंने देश के युवाओं का आह्वान किया कि यदि वे प्रधानमंत्री के अनुशासन और समर्पण का एक अंश भी अपने आचरण में ढाल लें, तो भारत को विश्वगुरु बनने से कोई रोक नहीं सकता।
काशी में बनेगा भव्य बालाजी मंदिर: चंद्रबाबू नायडू
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने काशी की आध्यात्मिक ऊर्जा को नमन करते हुए कहा कि इस पवित्र धरती पर उपस्थित होना उनके लिए परम सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि काशी पुरातन परंपराओं के साथ आधुनिक सोच का संगम है। वडनगर से काशी तक का यह जनसेवा अभियान वास्तव में एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत की तस्वीर पेश करता है। जब तक देश का अन्नदाता किसान और युवा तकनीकी रूप से सशक्त नहीं होंगे, तब तक राष्ट्र आगे नहीं बढ़ सकता, और प्रधानमंत्री इसी विजन पर काम कर रहे हैं। काशी में दक्षिण भारत से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए मुख्यमंत्री नायडू ने वाराणसी की धरती पर एक भव्य एवं दिव्य बालाजी मंदिर के निर्माण का संकल्प भी दोहराया।





















































