उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वकर्मा जयंती तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के पावन अवसर पर प्रदेश के समस्त दस्तकारों, कारीगरों और नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। गोरखपुर के जटाशंकर स्थित ऐतिहासिक श्री विश्वकर्मा पंचायत मंदिर में विधिवत दर्शन-पूजन के बाद आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की वास्तविक उन्नति उसके हुनरमंद हाथों के सम्मान पर निर्भर करती है। उन्होंने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रम शक्ति के इसी गौरव को पुनः स्थापित करते हुए कारीगरों को आधुनिक तकनीक और वैश्विक बाजार से जोड़ने का ऐतिहासिक कार्य किया है।
दशकों की उपेक्षा के बाद शिल्पकारों को मिला सम्मान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि बढ़ई, राजमिस्त्री, स्वर्णकार, हलवाई तथा अन्य पारंपरिक दस्तकारी से जुड़े लोगों के लिए उनकी कला ही स्वावलंबन तथा आजीविका का मूल आधार रही है। आजादी मिलने के बाद के दशकों में इस पारंपरिक हुनर और कारीगरी को लगातार अनदेखा किया गया, जिससे यह वर्ग हाशिए पर पहुंच गया था। डबल इंजन की सरकार ने पहली बार इन दस्तकारों के दर्द को समझा और उन्हें सशक्त बनाने का बीड़ा उठाया। सरकार ने कारीगरों को उन्नत प्रशिक्षण, आधुनिक टूलकिट तथा संस्थागत वित्तीय सहायता प्रदान कर उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाया है।
उत्तर प्रदेश में 3 करोड़ लोगों को मिला स्वावलंबन का संबल
सीएम योगी ने सरकारी प्रयासों के आंकड़ों को साझा करते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सरकार के निरंतर प्रोत्साहन का ही परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश में 3 करोड़ से अधिक नागरिक पारंपरिक शिल्प और कारीगरी के माध्यम से रोजगार प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि पीएम विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना ने कारीगरों की प्रतिभा को निखारने और उन्हें नए आर्थिक अवसरों से जोड़ने में एक मजबूत सेतु की तरह काम किया है। स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिल रही है।
सृष्टि के शिल्पी और नए भारत के निर्माता का अद्भुत संयोग
संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने इस पावन तिथि के आध्यात्मिक और राष्ट्रीय महत्व को साझा किया। उन्होंने कहा कि आज का दिन बेहद विशिष्ट और प्रेरणादायक है, क्योंकि एक तरफ संपूर्ण चराचर जगत के आदि शिल्पी भगवान विश्वकर्मा की जयंती का उत्सव है, तो दूसरी तरफ आधुनिक और विकसित भारत की नींव रखने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन भी है। आज समूचे देश का शिल्पी समाज भगवान विश्वकर्मा की आराधना कर अपनी कृतज्ञता ज्ञापित कर रहा है, वहीं नए भारत के निर्माण में अपना अमूल्य योगदान भी दे रहा है।
गुरु गोरखनाथ की पावन धरा से दीर्घायु की मंगलकामना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महायोगी गुरु गोरखनाथ की पावन भूमि से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि भगवान विश्वकर्मा के चरणों में शीश नवाकर वे समस्त प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री को जन्मदिवस की बधाई देते हैं। मुख्यमंत्री ने प्रार्थना की कि देश को लंबे समय तक प्रधानमंत्री का सशक्त मार्गदर्शन मिलता रहे, जिससे 2047 तक ‘विकसित भारत’ के राष्ट्रीय संकल्प को पूर्ण किया जा सके। इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री ने श्री विश्वकर्मा पूजनोत्सव पुस्तक का विधिवत विमोचन भी संपन्न किया।





















































