गौतमबुद्ध नगर के ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित एक पॉश आवासीय परिसर में पिछले बहत्तर घंटों से पसरा दहशत का माहौल अब जाकर शांत हुआ है। ला रेजिडेंशिया हाउसिंग सोसाइटी में शाम ढलते ही आसमान से होने वाले अप्रत्याशित हमलों ने सैकड़ों परिवारों को खौफजदा कर रखा था। आवासीय परिसर में लगातार नागरिकों को निशाना बना रहे उल्लुओं के उत्पात की सूचना मिलते ही वन विभाग की त्वरित कार्यबल टीम हरकत में आई। विशेषज्ञ दल ने तकनीकी सूझबूझ का परिचय देते हुए इलाके से कुल आठ उल्लुओं को सकुशल रेस्क्यू कर लिया, जिसके बाद सोसाइटी के बाशिंदों ने सुकून की सांस ली।
अंधेरा घिरते ही शुरू हो जाती थी सिर पर वार करने की दहशत
ला रेजिडेंशिया परिसर के निवासियों के अनुसार, सूरज ढलते ही सोसाइटी का पूरा खुला इलाका अघोषित रूप से असुरक्षित हो जाता था। पैदल पथ, वाहन पार्किंग और टावरों की लॉबी जैसे नियमित आवागमन वाले स्थानों पर कदम रखते ही लोग सहम जाते थे। यह पक्षी किसी भी प्रकार की आवाज या चेतावनी दिए बिना सीधे हवा से नीचे झपट्टा मारते थे और सीधे राहगीरों के सिर के ऊपरी हिस्से को अपनी नुकीली चोंच से लहूलुहान कर देते थे। इस अप्रत्याशित हवाई हमले की चपेट में आकर लगभग छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। कई निवासियों के सिर से अत्यधिक खून बहने की घटनाएं सामने आने के बाद महिलाओं, छोटे बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों ने सूरज डूबने के बाद घरों की बालकनी या खुले परिसर में निकलना पूरी तरह बंद कर दिया था।
कार्यालय से लौट रहे निवासी पर दो बार झपट्टा, अस्पताल में लगे टीके
इस भयानक अनुभव का शिकार हुए सोसाइटी निवासी बिजॉय त्रिपाठी ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि बुधवार की देर रात करीब 11 बजे वे दफ्तर से घर लौटे थे। जब वह पार्किंग क्षेत्र से अपने टावर की दिशा में पैदल बढ़ रहे थे, तभी बिना किसी आहट के एक उल्लू ने उनके सिर पर पीछे से अचानक तीखा प्रहार कर दिया। वे जब तक संभलकर खुद का बचाव करते, उसी शिकारी पक्षी ने दोबारा उनके सिर पर झपट्टा मार दिया। इस हमले में उनके सिर से खून की धार बह निकली। आनन-फानन में उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने घाव की मरहम-पट्टी करने के साथ टिटनेस और संक्रमण-रोधी इंजेक्शन लगाए।
वन विभाग का रेस्क्यू ऑपरेशन: 2 वयस्क और 6 बच्चों को सुरक्षित पकड़ा
लगातार बढ़ते हमलों और खून-खराबे से परेशान नागरिकों ने मिलकर तत्काल वन विभाग के उच्चाधिकारियों से संपर्क साधा। सूचना के आधार पर मौके पर पहुंची विशेषज्ञ बचाव टीम ने सोसाइटी के विभिन्न कोनों और टावरों की छतों पर विशेष सर्च अभियान चलाया। सावधानीपूर्वक चलाए गए इस रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत टीम ने दो वयस्क उल्लुओं के साथ उनके छह बच्चों को सुरक्षित रूप से जाल में ले लिया। वन अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पकड़े गए इस पूरे आठ सदस्यीय कुनबे को मानवीय आबादी से दूर किसी प्राकृतिक वन्य क्षेत्र में सुरक्षित विस्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई के बाद बहुमंजिला परिसर में सामान्य जीवन पटरी पर लौट आया है।





















































