गाजियाबाद के बेहद व्यस्त और प्रमुख व्यावसायिक केंद्र अंबेडकर रोड पर मंगलवार दोपहर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक प्रतिष्ठित क्लोथिंग ब्रांड के बड़े शोरूम में अचानक भीषण आग भड़क उठी। घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन महकमे में हलचल तेज हो गई और बचाव दल बिना किसी देरी के राहत कार्य में जुट गया। संकरे रास्ते और धुएं के भारी गुबार के बीच दमकल की चार गाड़ियों ने मोर्चा संभाला और कड़ी मशक्कत के बाद लपटों को बाकी मंजिलों तक फैलने से पहले ही पूरी तरह शांत कर दिया। समय रहते उठाए गए कदमों से एक बड़ा हादसा होने से बच गया।
अंबेडकर रोड पर अफरा-तफरी: दोपहर के वक्त भड़कीं लपटें
घटना मंगलवार 6 अक्टूबर की दोपहर की है। अंबेडकर रोड स्थित प्लॉट संख्या-76 में संचालित यूएस पोलो के बहुमंजिला शोरूम में रोजमर्रा की तरह गतिविधियां चल रही थीं। इसी दौरान दोपहर करीब 12 बजकर 6 मिनट पर भवन से अचानक धुआं निकलते देखा गया, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। शोरूम के कर्मचारियों और आसपास के दुकानदारों ने फौरन इसकी जानकारी कोतवाली स्थित फायर स्टेशन को दी। व्यस्त बाजार का मामला होने की वजह से अग्निशमन दस्ते ने इसे बेहद गंभीरता से लिया।
सूचना मिलते ही 4 फायर टेंडर रवाना, सीएफओ ने खुद संभाला मोर्चा
कोतवाली फायर स्टेशन को जैसे ही प्लॉट नंबर-76 में आग लगने की सूचना मिली, अग्निशमन अधिकारी बिना एक पल गंवाए चार दमकल वाहनों (फायर टेंडर) के साथ मौके के लिए कूच कर गए। मामले की नजाकत को देखते हुए इसकी जानकारी तुरंत मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) को भी दी गई। खतरे को भांपते हुए सीएफओ भी स्थिति की निगरानी के लिए सीधे घटनास्थल की ओर रवाना हो गए। अधिकारियों की इस त्वरित मौजूदगी ने राहत और बचाव कार्य को गति देने में अहम भूमिका निभाई।
धुएं के गुबार के बीच पहली मंजिल पर बचाव अभियान
घटनास्थल पर पहुंचकर जब दमकल दल ने इमारत की बनावट और हालात का जायजा लिया, तो पता चला कि यह प्रतिष्ठान बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और फर्स्ट फ्लोर पर फैला हुआ है। आग की शुरुआत भवन की पहली मंजिल से हुई थी। लपटों और जलते सामान के कारण पहली मंजिल पर दमघोंटू काले धुएं का ऐसा घेरा बन गया था कि अंदर कुछ भी देख पाना बेहद मुश्किल था। इस विकट परिस्थिति में दमकल कर्मियों ने मोटर फायर इंजन से होजपाइप को ऊपर तक खींचा और विपरीत हालात के बावजूद धुएं को चीरते हुए पहली मंजिल में प्रवेश किया।
कड़ी मशक्कत के बाद लपटें शांत, बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर सुरक्षित
अग्निशमन कर्मियों ने घने धुएं के बीच बेहद सतर्कता के साथ आग के मुख्य स्रोत को तलाशा और लगातार पानी की बौछार शुरू की। दमकल गाड़ियों से निरंतर पंपिंग करते हुए आग को चारों तरफ से घेर लिया गया। टीम की कुशल रणनीति और मुस्तैदी का ही नतीजा रहा कि लपटें बेसमेंट और भूतल की तरफ नहीं बढ़ सकीं, जहां बड़ी मात्रा में अन्य सामान रखा हुआ था। काफी देर तक चले इस जोखिम भरे ऑपरेशन के बाद आग पर शत-प्रतिशत नियंत्रण पा लिया गया।
नुकसान और आग की वजह की जांच जारी, जानमाल की क्षति नहीं
आग बुझाने के बाद अग्निशमन दल ने पूरी मंजिल की गहन जांच की और कूलिंग प्रक्रिया को पूरा किया ताकि किसी भी चिंगारी से दोबारा लपटें न उठ सकें। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी भी व्यक्ति के हताहत होने या झुलसने की खबर नहीं है। प्राथमिक स्तर पर आग लगने के सही कारणों और इससे हुए आर्थिक नुकसान का आधिकारिक तौर पर पता लगाया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यदि दमकल विभाग तत्परता न दिखाता तो आग आसपास की दुकानों को भी अपनी चपेट में ले सकती थी।





















































