उत्तर प्रदेश के संभल जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां वैवाहिक विवाद और अवैध संबंधों के चलते एक महिला ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। संभल की एक त्वरित अदालत (फास्ट ट्रैक कोर्ट) ने अपने ही पति पर तेजाब फेंककर उसका जीवन बर्बाद करने वाली दोषी महिला को सोमवार को आजीवन कारावास की कड़ी सजा सुनाई है। इस जानलेवा हमले में पीड़ित शख्स न केवल बुरी तरह झुलस गया, बल्कि उसने हमेशा के लिए अपनी आंखों की रोशनी भी गंवा दी। अदालत ने दोषी महिला पर भारी-भरकम जुर्माना भी लगाया है।
गहरी नींद में सो रहे पति पर किया था कातिलाना हमला
यह खौफनाक वारदात संभल जिले के नखासा थाना क्षेत्र की है। विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र कुमार यादव ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 7 मार्च 2025 को आरोपी महिला कहकशां (30 वर्ष) ने इस रोंगटे खड़े कर देने वाले अपराध को अंजाम दिया था। वारदात के वक्त उसका पति मुजफ्फर (35 वर्ष) घर में गहरी नींद में सो रहा था। मुजफ्फर को जरा भी आभास नहीं था कि उसकी अपनी पत्नी ही उसकी जान लेने पर आमादा है। कहकशां ने मुजफ्फर की हत्या करने के इरादे से उसके चेहरे पर खौलता हुआ तेजाब उड़ेल दिया। अचानक हुए इस भयावह हमले से चीखते-चिल्लाते मुजफ्फर को संभल और फिर उच्च चिकित्सा केंद्र रिफर किया गया, लेकिन एसिड के घातक असर ने उसका सब कुछ छीन लिया।
चेहरा हुआ विकृत, हमेशा के लिए चली गई आंखों की रोशनी
तेजाब के इस बर्बर हमले ने मुजफ्फर की जिंदगी को जीते-जी नर्क बना दिया। एसिड गिरने के कारण मुजफ्फर का पूरा चेहरा गंभीर रूप से झुलसकर विकृत (डीशेप) हो गया। डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद, तेजाब की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मुजफ्फर की दोनों आंखों की रोशनी हमेशा-हमेशा के लिए चली गई। वह अब पूरी तरह से दृष्टिहीन हो चुका है और अपने दैनिक कार्यों के लिए भी दूसरों पर निर्भर है।
अवैध संबंध और तलाक से इनकार बनी वारदात की वजह
अदालती कार्यवाही और पुलिस जांच के दौरान इस खौफनाक कदम के पीछे की मुख्य वजह भी साफ हो गई। सरकारी वकील के मुताबिक, दोषी महिला कहकशां के किसी अन्य व्यक्ति के साथ विवाहेतर संबंध (अवैध संबंध) थे। वह अपने प्रेमी के साथ रहना चाहती थी और इसके लिए उसने अपने पति मुजफ्फर से तलाक की मांग की थी। हालांकि, मुजफ्फर इस रिश्ते को बचाना चाहता था और उसने तलाक देने से साफ इनकार कर दिया था। इसी बात से खुन्नस खाई कहकशां ने मुजफ्फर को अपने रास्ते से हटाने की साजिश रची और सोते समय उस पर एसिड अटैक कर दिया।
फास्ट ट्रैक कोर्ट का बड़ा फैसला, लगा पौने दो लाख का जुर्माना
चंदौसी के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (त्वरित अदालत) गोपाल जी ने इस मामले की गंभीरता और अपराध की क्रूरता को भांपते हुए त्वरित सुनवाई की। अदालत ने गत 27 मई को ही कहकशां को इस जघन्य अपराध के लिए दोषी करार दे दिया था और सजा की घोषणा के लिए सोमवार की तिथि निर्धारित की थी।
सोमवार को कोर्ट ने अपना अंतिम फैसला सुनाते हुए कहकशां को उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सजा से दंडित किया। इसके साथ ही न्यायधीश ने दोषी महिला पर 1.75 लाख रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि जीवनसाथी के खिलाफ ऐसा क्रूर और अमानवीय कृत्य समाज में किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।





















































