नोएडा। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) इस समय मौसम की दोहरी और बेहद खतरनाक मार झेल रहा है। एक तरफ जहां आसमान से बरसती आग और 45 डिग्री सेल्सियस के पार जाते पारे ने जनजीवन को झुलसा दिया है, वहीं दूसरी तरफ एनसीआर की हवा भी खतरनाक स्तर तक प्रदूषित हो चुकी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा आगामी 25 मई तक ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किए जाने के बाद अब लोगों की चिंताएं और अधिक बढ़ गई हैं, क्योंकि फिलहाल इस जानलेवा तपिश से राहत मिलने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है।
आसमान से बरस रही आग, रात में भी चैन नहीं
दिल्ली-एनसीआर में सूरज के तेवर इस समय अपने सबसे आक्रामक रूप में हैं। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा समेत पूरे इलाके में सूरज की किरणें त्वचा को झुलसा रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार, दिन का अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस की लक्ष्मण रेखा को पार कर चुका है। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि आमतौर पर सूर्यास्त के बाद मिलने वाली हल्की राहत भी इस बार नदारद है। रात के तापमान में गिरावट दर्ज नहीं होने के कारण उमस और गर्म हवाओं का सिलसिला चौबीसों घंटे बना हुआ है, जिससे लोगों की रात की नींद भी हराम हो गई है।
सड़कों पर पसरा सन्नाटा, ‘अघोषित लॉकडाउन’ जैसे हालात
तेज धूप और गर्म हवाओं के थपेड़ों (लू) ने आम जनजीवन की रफ्तार पर पूरी तरह से ब्रेक लगा दिया है। दोपहर होते ही दिल्ली और नोएडा की व्यस्त रहने वाली सड़कों पर वाहनों की आवाजाही बेहद कम हो जा रही है। प्रमुख बाजारों, मॉल के बाहरी हिस्सों और सार्वजनिक स्थलों पर दोपहर के समय अघोषित लॉकडाउन जैसा सन्नाटा पसरा नजर आता है। जो लोग बेहद जरूरी काम से बाहर निकल भी रहे हैं, वे पूरे चेहरे और सिर को सूती कपड़ों से ढंककर और हाथों में पानी की बोतलें लेकर ही सफर करने को मजबूर हैं।
गर्मी के साथ बढ़ा प्रदूषण: ‘गर्म हवा और जहरीला धुआं’ बना जानलेवा
इस भीषण गर्मी के बीच एनसीआर के निवासियों के लिए एक और बड़ी मुसीबत बनकर आया है प्रदूषण का बढ़ता स्तर। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के ताजा आंकड़ों ने पर्यावरणविदों और डॉक्टरों को चिंता में डाल दिया है। गाजियाबाद का लोनी इलाका इस समय सबसे बुरी स्थिति में है, जहां AQI 339 रिकॉर्ड किया गया है, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। इसके अलावा वेद विहार-लोनी में 312 और संजय नगर में 274 AQI दर्ज किया गया है।
ग्रेटर नोएडा की बात करें तो शिक्षा और आईटी हब कहे जाने वाले नॉलेज पार्क-3 में 269 और नॉलेज पार्क-5 में 280 AQI दर्ज हुआ है, जो ‘खराब’ श्रेणी को दर्शाता है। राजधानी दिल्ली के भी अधिकांश इलाकों में हवा का स्तर मध्यम से खराब के बीच झूल रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक तापमान और प्रदूषित हवा का यह कॉम्बिनेशन फेफड़ों और दिल के मरीजों के लिए किसी ‘साइलेंट किलर’ से कम नहीं है।
अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की कतार, डॉक्टरों ने कहा- ‘सावधानी ही बचाव’
भीषण गर्मी और प्रदूषण की इस जुगलबंदी का सीधा असर अब सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी (OPD) में देखने को मिल रहा है। अस्पतालों में अचानक हीट स्ट्रोक (लू लगना), गंभीर डिहाइड्रेशन, उल्टी-दस्त, तेज बुखार और सांस लेने में तकलीफ से पीड़ित मरीजों की संख्या में भारी उछाल आया है। वरिष्ठ डॉक्टरों ने इस स्थिति को देखते हुए खासकर बुजुर्गों, छोटे बच्चों और पहले से ही गंभीर बीमारियों (जैसे अस्थमा या हार्ट पेशेंट) से जूझ रहे लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। डॉक्टरों की सलाह है कि इस मौसम में शरीर में पानी की कमी न होने दें, भले ही प्यास न लगे तब भी लगातार पानी, ओआरएस (ORS) का घोल, छाछ या नींबू पानी पीते रहें। हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें और खाली पेट घर से बाहर कदम कतई न रखें।
मौसम विभाग के पूर्वानुमानों को साफ तौर पर देखें तो अगले कुछ दिनों तक प्रकृति के इस रौद्र रूप से कोई बड़ी राहत मिलती नहीं दिख रही है। प्रशासन लगातार एडवाइजरी जारी कर लोगों को जागरूक कर रहा है। ऐसे में एनसीआर के नागरिकों के लिए आने वाले दिन बेहद चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं, जहां केवल कड़ाई से नियमों का पालन और खुद की देखभाल ही इस जानलेवा गर्मी से बचा सकती है।


















































