उत्तर प्रदेश के कृष्णनगरी मथुरा में एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ केनरा बैंक की सुरक्षा में तैनात एक सिपाही की ड्यूटी के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से दर्दनाक मौत हो गई। यह सनसनीखेज वाकया सिविल लाइंस इलाके में स्थित बैंक शाखा के भीतर शनिवार रात को घटित हुआ। गोली सिपाही की ही सरकारी राइफल से चली, जो उसकी गर्दन को चीरती हुई पार निकल गई। इस हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराकर उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया है और मामले की गहन तफ्तीश शुरू कर दी है।
रात 9 बजे गूंजी गोली की आवाज, खून से लथपथ मिला जवान
यह दर्दनाक हादसा मथुरा के थाना सदर बाजार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सिविल लाइंस स्थित केनरा बैंक की मुख्य शाखा में हुआ। मूल रूप से एटा जिले के पिलुआ थाना क्षेत्र के मड़ुआ गांव के रहने वाले 42 वर्षीय सिपाही अजीत सिंह पिछले करीब 12 वर्षों से इसी बैंक शाखा की सुरक्षा में मुस्तैदी से तैनात थे। शनिवार की रात को अजीत के साथ एक अन्य सिपाही की भी ड्यूटी लगी हुई थी। साथी सिपाही ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि रात के करीब नौ बजे अचानक बैंक परिसर के भीतर से गोली चलने की जोरदार आवाज सुनाई दी। जब वह दौड़कर अंदर गया, तो वहां का नजारा देखकर उसके होश उड़ गए। अजीत सिंह फर्श पर खून से लथपथ हालत में पड़े थे और उनकी सरकारी राइफल उनकी गर्दन के बेहद करीब सटी हुई थी।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही थमी सांसें, मौके पर ही तोड़ा दम
घटना के तुरंत बाद गंभीर रूप से जख्मी अजीत सिंह को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, ताकि उनकी जान बचाई जा सके। हालांकि, घाव इतना गहरा था कि डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। अपर पुलिस अधीक्षक (शहर) राजीव कुमार सिंह ने इस संबंध में आधिकारिक बयान जारी करते हुए बताया कि प्रारंभिक फॉरेंसिक और बैलिस्टिक जांच से स्पष्ट हुआ है कि गोली अजीत की अपनी सरकारी राइफल से ही चली थी। गोली सीधे उनकी गर्दन में लगी और आरपार हो गई, जिसके कारण अत्यधिक खून बहने से उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया था।
घरेलू कलह या कोई और वजह? खुदकुशी के कोण से जांच में जुटी पुलिस
एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि प्राथमिक दृष्टया यह मामला आत्महत्या (खुदकुशी) का प्रतीत हो रहा है। पुलिस द्वारा की गई शुरुआती छानबीन और सहकर्मियों से पूछताछ में यह बात निकलकर सामने आई है कि सिपाही अजीत सिंह पिछले कुछ समय से गंभीर पारिवारिक समस्याओं और मानसिक तनाव से जूझ रहे थे, जिसके कारण वे काफी परेशान चल रहे थे। हालांकि, पुलिस प्रशासन किसी भी जल्दबाजी में नहीं है और मामले को लेकर पूरी संवेदनशीलता बरत रहा है। पुलिस अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यद्यपि पहली नजर में यह आत्महत्या का मामला लग रहा है, फिर भी पुलिस अन्य सभी संभावित और तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखकर हर कोण से विस्तृत पड़ताल कर रही है।
मोबाइल फोन और सरकारी राइफल जब्त, थाना प्रभारी संभाल रहे कमान
सिपाही अजीत सिंह वर्तमान में मथुरा के ही हाईवे थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली बालाजी पुरम कॉलोनी में अपने परिवार के साथ निवास कर रहे थे। उनकी इस असामयिक मौत से जहां उनके पैतृक गांव एटा में मातम छाया हुआ है, वहीं विभाग में भी शोक की लहर है। पुलिस ने सच्चाई का पता लगाने के लिए घटनास्थल से मृतक सिपाही की सरकारी राइफल और उनका मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया है। मोबाइल के कॉल डिटेल्स और चैट्स को खंगाला जा रहा है ताकि तनाव की असली वजह सामने आ सके। इस पूरे संवेदनशील मामले की वैज्ञानिक और कानूनी तफ्तीश थाना सदर बाजार के प्रभारी निरीक्षक त्रिपुरारी कौशिक द्वारा की जा रही है।





















































