कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है, जहां सोमवार सुबह एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो कार हाईवे पर खड़े एक ट्रक से पीछे से टकरा गई। इस भीषण टक्कर में दो मासूम बच्चों सहित तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार में सवार पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टक्कर के बाद स्कॉर्पियो के परखच्चे उड़ गए और वह लोहे के मलबे में तब्दील हो गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और राहत कार्य शुरू किया। घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
यह दुर्घटना सुबह के समय उस वक्त हुई जब हाईवे पर विजिबिलिटी और यातायात सामान्य था, लेकिन खड़े ट्रक की वजह से कार चालक संतुलन खो बैठा।
महाराजपुर नेशनल हाईवे पर मची चीख-पुकार: फतेहपुर जा रहा था परिवार
शुरुआती जांच और चश्मदीदों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह दर्दनाक वाकया कानपुर के महाराजपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) पर सोमवार सुबह करीब 6:00 बजे घटित हुआ। स्कॉर्पियो कार में बच्चों और महिलाओं समेत लगभग 8 लोग सवार थे, जो फतेहपुर की तरफ जा रहे थे। महाराजपुर इलाके के पास सड़क किनारे एक ट्रक खड़ा हुआ था, जिससे तेज रफ्तार स्कॉर्पियो की सीधी और जोरदार भिड़ंत हो गई।
टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के राहगीर और स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके की तरफ दौड़े। कार के भीतर फंसे लोग गंभीर चोटों के कारण दर्द से तड़प रहे थे और मदद की गुहार लगा रहे थे। स्थानीय लोगों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत इसकी सूचना क्षेत्रीय पुलिस को दी और अपने स्तर पर मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिशों में जुट गए।
रेस्क्यू ऑपरेशन और घायलों की स्थिति: मृतकों की शिनाख्त के प्रयास जारी
घटनास्थल पर पहुंची महाराजपुर थाना पुलिस की टीम ने तत्परता दिखाते हुए कार के मलबे को काटकर उसमें फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। पुलिस ने डॉक्टरों की मदद से जांच के बाद दो मासूम बच्चों और एक अन्य व्यक्ति के शव को अपने कब्जे में ले लिया। हादसे में बचे 5 अन्य सहयात्रियों को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए इलाज के लिए कांशीराम अस्पताल भिजवाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी जान बचाने में जुटी है।
पुलिस का बयान: “हादसा बेहद गंभीर था। अस्पताल में भर्ती कराए गए घायलों का इलाज प्राथमिकता पर किया जा रहा है। दुर्घटना में जान गंवाने वाले दोनों बच्चों और तीसरे व्यक्ति के शवों को अंत्यपरीक्षण (पोस्टमार्टम) के लिए भेज दिया गया है। अभी तक मृतकों और घायलों की आधिकारिक पहचान स्पष्ट नहीं हो पाई है, पुलिस उनके परिजनों से संपर्क साधने का प्रयास कर रही है।”
एटा में भी दर्दनाक हादसा: सांड से टकराई कार, दुकानदार की गई जान
उत्तर प्रदेश में बेलगाम रफ्तार और आवारा पशुओं के कारण एक अन्य सड़क दुर्घटना एटा जिले से भी सामने आई है, जहां एक सांड से कार की भिड़ंत होने के कारण चालक की असमय मौत हो गई। यह दुर्घटना एटा के पिलुआ थाना क्षेत्र के अंतर्गत निधोली रोड पर स्थित जवाहरपुर गोदाम के समीप घटी। पुलिस प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की शिनाख्त 35 वर्षीय नरेंद्र शर्मा के रूप में हुई है, जो एटा जिले के ही जिटौली गांव का रहने वाला था।
घटनाक्रम के अनुसार, नरेंद्र शर्मा रोजाना की तरह अपनी दुकान बंद करने के बाद कार से अपने गांव जिटौली वापस लौट रहा था। इसी दौरान जवाहरपुर गोदाम के पास अचानक एक सांड कार के सामने आ गया, जिससे गाड़ी की आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई।
पुलिस और फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई
पिलुआ के अग्निशमन प्रभारी जितेंद्र कुमार ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि उन्हें कंट्रोल रूम के माध्यम से सड़क दुर्घटना की सूचना मिली थी, जिसमें बताया गया था कि एक कार और सांड के बीच जोरदार भिड़ंत हुई है। जानकारी मिलते ही दमकल और पुलिस की संयुक्त टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस टीम ने कार के भीतर फंसे गंभीर रूप से घायल युवक नरेंद्र को बाहर निकालकर तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस टीम ने क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त कार को हाईवे के बीच से हटाकर किनारे किया ताकि यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे और कोई अन्य हादसा न हो।





















































