मैनपुरी जिले के किशनी थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ महोली गांव में बिजली विभाग की घोर लापरवाही के कारण एक होनहार छात्र को अपनी जान गंवानी पड़ी। घर की छत के ठीक ऊपर से गुजर रही मौत की हाईटेंशन लाइन ने 20 वर्षीय युवक को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है, वहीं ग्रामीणों में विद्युत विभाग के प्रति भारी आक्रोश है। परिजनों का आरोप है कि इस खतरनाक तार को हटाने के लिए कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।
छत पर काम करने गया था छात्र, अचानक आ गया मौत का बुलावा
यह दुखद घटना शुक्रवार की बताई जा रही है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, किशनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले महोली गांव का निवासी 20 वर्षीय करण, जो कि बीएससी (B.Sc.) का छात्र था, किसी घरेलू काम के सिलसिले में अपने घर की छत पर गया हुआ था। उसे इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि छत के ऊपर मंडरा रहा मौत का जाल उसे अपनी जद में ले लेगा। काम के दौरान करण का शरीर अचानक वहां से गुजर रही हाईटेंशन बिजली की लाइन से छू गया। करंट का झटका इतना जोरदार था कि वह झुलसकर वहीं अचेत होकर गिर पड़ा।
अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने किया मृत घोषित, गांव में पसरा मातम
छत पर चीख-पुकार और गिरने की आवाज सुनकर करण के पिता वेदराम और परिवार के अन्य सदस्य आनन-फानन में ऊपर भागे। करण को बेसुध हालत में देखकर परिजनों के होश उड़ गए। वे बिना समय गंवाए उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले गए। हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था; अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद करण को मृत घोषित कर दिया। इस खबर ने पूरे परिवार को तोड़ कर रख दिया और देखते ही देखते अस्पताल से लेकर पूरे महोली गांव में मातम छा गया।
पुलिस बल के साथ पहुंचे अधिकारी, शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आया। शनिवार को मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक (नगर) अरुण कुमार सिंह ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही वे किशनी के पुलिस निरीक्षक छत्रपाल सिंह और भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद शव को अपने कब्जे में लिया और पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए जिला मुख्यालय भिजवा दिया है। पुलिस अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और उचित कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया।
“अगर वक्त पर सुन लेते अफसर, तो जिंदा होता मेरा बेटा” — बिलख पड़े पिता
इस हादसे ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक छात्र के पिता वेदराम ने रोते हुए विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि घर के ठीक ऊपर से गुजर रही इस जानलेवा हाईटेंशन लाइन को हटवाने या विस्थापित करने के लिए उन्होंने एक बार नहीं, बल्कि कई बार विद्युत विभाग के चक्कर काटे और लिखित शिकायतें दर्ज कराईं। लेकिन हर बार अधिकारियों ने उनकी मांग को नजरअंदाज कर दिया। वेदराम का कहना है कि अगर विभाग ने समय रहते उनकी शिकायतों पर संज्ञान लेकर कार्रवाई की होती, तो आज उनका इकलौता बेटा उनके बीच जिंदा होता। इस लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार का चिराग हमेशा के लिए बुझा दिया है।





















































