उत्तर प्रदेश को हरित और स्वच्छ बनाने की दिशा में रविवार को एक ऐतिहासिक शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर से ‘प्रदेशव्यापी पौधरोपण महायज्ञ-2026’ का विधिवत शुभारंभ किया। पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी गहरी प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के समीप और आरकेबीके के पास स्थित ताल रिंग रोड के किनारे ‘एक पेड़ मां के नाम’ विशेष अभियान के तहत पहला पौधा रोपा। इस विराट महाभियान के जरिए उत्तर प्रदेश सरकार का उद्देश्य राज्य के हरित क्षेत्र (ग्रीन कवर) में अभूतपूर्व वृद्धि करना है, जिसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
दिग्गजों की मौजूदगी में महाभियान की शुरुआत
इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद और प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अरुण कुमार सक्सेना विशेष रूप से उपस्थित रहे। इन वरिष्ठ नेताओं ने भी मुख्यमंत्री के साथ मिलकर पौधरोपण किया और प्रदेश की जनता को इस पुनीत कार्य से जुड़ने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री के कुशल मार्गदर्शन में इस वर्ष समूचे राज्य में रिकॉर्ड 35 करोड़ पौधे लगाने का एक महा-लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसे पूरा करने के लिए वन विभाग के संयोजन में सभी प्रशासनिक तैयारियां पहले ही मुस्तैद कर ली गई हैं।
गोरखपुर को मिली 55 लाख से अधिक पौधों की जिम्मेदारी
इस पूरे प्रदेशव्यापी महाभियान के केंद्र में गोरखपुर को एक बेहद महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासनिक रूप से इस जिले को कुल 55 लाख 28 हजार 600 पौधे लगाने का विशाल लक्ष्य मिला है। इस महायज्ञ की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे किसी एक विभाग तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि उत्तर प्रदेश सरकार के कुल 27 अलग-अलग विभागों के आपसी तालमेल और सामंजस्य से इस पूरे कार्य को धरातल पर उतारा जा रहा है। हालांकि, सबसे व्यापक और बड़ा लक्ष्य वन विभाग के कंधों पर है, जो नोडल एजेंसी के रूप में कार्य कर रहा है।
‘प्रकृति का संरक्षण औपचारिकता नहीं, बल्कि कृतज्ञता का भाव’
गोरखपुर में इस अभियान की शुरुआत करने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर देश और प्रदेशवासियों के नाम एक बेहद भावुक और वैचारिक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा:
“भारतीय संस्कृति में प्रकृति का संरक्षण केवल पर्यावरणीय दायित्व नहीं, बल्कि कृतज्ञता का भाव है। हम पृथ्वी को माता, नदियों को जीवनदायिनी और वृक्षों को प्राणवायु का आधार मानते हैं। यही कारण है कि वृक्षारोपण हमारे लिए औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उस प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर है, जिसने हमें जीवन, अन्न, जल और ऊर्जा प्रदान की है। 12 जुलाई का वृक्षारोपण महायज्ञ इसी कृतज्ञता का विराट उत्सव है।”
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने की जनता से भावुक अपील
इस महाभियान को लेकर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखा। उन्होंने कहा कि आज से पूरे उत्तर प्रदेश में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को जन-आंदोलन का रूप दिया जा रहा है। 35 करोड़ से अधिक पौधरोपण के इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए वर्तमान सरकार के सभी अंग, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता और आम जनता पूरे उत्साह और ऊर्जा के साथ सड़कों और मैदानों में उतर चुकी है। उपमुख्यमंत्री ने समस्त प्रदेशवासियों से अत्यंत भावुक अपील करते हुए कहा कि वे सभी अपनी माता जी के सम्मान में कम से कम ‘एक पेड़ मां के नाम’ अवश्य लगाएं और उत्तर प्रदेश को एक समृद्ध, खुशहाल और हरा-भरा राज्य बनाने में अपना अमूल्य योगदान दें।





















































