उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के गठबंधन पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। गोरखपुर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को लगातार चोट पहुंचाने का संगीन आरोप लगाया। उन्होंने जनता को आगाह किया कि राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए जो दल समाज को जातियों में बांटने की गहरी साजिश रच रहे हैं, वे असल में राज्य के विकास को पटरी से उतारना चाहते हैं। सीएम योगी ने दो टूक लहजे में कहा कि जब-जब कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को सत्ता मिली, उन्होंने सिर्फ तुष्टिकरण किया और विकास कार्यों को पूरी तरह ठप रखा।
गोरखपुर को 757 करोड़ की सौगात, समाज बांटने वालों को सख्त चेतावनी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को गोरखपुर के पिपराइच विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक भव्य विकास उत्सव में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की प्रगति को नई रफ्तार देते हुए 757 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 24 बड़ी विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने मंच से विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र और सहायता राशि के चेक भी वितरित किए। जनसभा में उमड़े जनसैलाब को संबोधित करते हुए उन्होंने साफ कहा कि विकास ही आम जनता की खुशहाली और समृद्धि की असली कुंजी है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे जाति के नाम पर समाज को खंडित करने वाले तत्वों से सावधान रहें, क्योंकि विपक्ष का एकमात्र एजेंडा विकास की इस रफ्तार में रोड़े अटकाना है।
2006 का वो हलफनामा और सोमनाथ मंदिर विवाद: कांग्रेस पर चौतरफा हमला
कांग्रेस नेतृत्व द्वारा हाल ही में दिए गए बयानों को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इतिहास के पन्नों से कांग्रेस को उसकी असलियत याद दिलाई। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस के बड़े नेता सफ़ेद झूठ बोल रहे हैं कि उनकी पार्टी ने कभी भगवान राम के अस्तित्व को काल्पनिक नहीं माना। मुख्यमंत्री ने सवाल दागते हुए पूछा कि क्या देश साल 2006 के उस काले दस्तावेज को भूल सकता है, जब केंद्र की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बकायदा हलफनामा दायर कर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम और योगेश्वर भगवान श्री कृष्ण को महज ‘मिथक’ यानी काल्पनिक पात्र साबित करने की कुत्सित कोशिश की थी? उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस का इतिहास शुरू से ही सनातन आस्था का अपमान करने का रहा है। आजादी के बाद जब देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण और प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने जा रहे थे, तब भी तत्कालीन कांग्रेस नेतृत्व ने इसका पुरजोर विरोध किया था।
‘सपा का इतिहास राम भक्तों के खून से रंगा’, 2017 से पहले के दंगों की दिलाई याद
कांग्रेस के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर भी बेहद आक्रामक हमला बोला। उन्होंने तल्ख लहजे में कहा कि समाजवादी पार्टी का इतिहास अयोध्या में राम भक्तों पर गोलियां चलवाने और उनके खून से रंगा हुआ है। सपा और कांग्रेस के पुराने शासनकाल की याद दिलाते हुए सीएम योगी ने कहा कि साल 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की पहचान दंगों, कर्फ्यू और गुंडाराज से होती थी। हिंदुओं के पावन त्योहारों पर प्रतिबंध लगा दिए जाते थे और शिव भक्तों की कांवड़ यात्रा को जबरन रोक दिया जाता था। उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि अब प्रदेश बदल चुका है, आज अगर किसी ने कांवड़ यात्रा रोकने या कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने की जुर्रत की, तो उसका अंजाम बहुत बुरा होगा।





















































