सोनीपत। हिंदी सिनेमा के अभिनेता टाइगर श्रॉफ के वाहन पर हुई गोलीबारी की वारदात की परतें अब तेजी से खुलने लगी हैं। जांच एजेंसियों की सक्रियता के बीच इस सनसनीखेज मामले का हरियाणा के सोनीपत जिले से जुड़ाव बेहद गहरा होता जा रहा है। घटना के 15 घंटे के भीतर प्रत्यक्ष रूप से गोली चलाने वाले तीनों मुख्य शूटरों को सलाखों के पीछे भेजने के बाद अब उनके मददगार नेटवर्क पर शिकंजा कस दिया गया है। मुंबई पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के संयुक्त अभियान के तहत दो और स्थानीय आरोपियों को दबोचा गया है, जिसके साथ ही इस पूरे प्रकरण में पकड़े गए अभियुक्तों की कुल संख्या 10 तक पहुंच चुकी है।
मेडिकल जांच के बाद अदालत में पेशी, मुंबई पुलिस को मिली ट्रांजिट रिमांड
ताजा कार्रवाई में पुलिस की गिरफ्त में आए दोनों आरोपियों की पहचान सोनीपत जिले के गांव देवडू निवासी समीर और खरखौदा निवासी नितिन के तौर पर हुई है। गिरफ्तारी के फौरन बाद सोनीपत एसटीएफ और मुंबई पुलिस की संयुक्त टीम दोनों आरोपियों को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए सोनीपत सिविल अस्पताल लेकर पहुंची। चिकित्सीय जांच की औपचारिकताएं पूरी करने के पश्चात दोनों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया। अदालत ने कानूनी प्रक्रियाओं की समीक्षा के बाद मुंबई पुलिस को समीर और नितिन की ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर दी। कानूनी औपचारिकताएं पूर्ण होते ही मुंबई पुलिस दोनों आरोपियों को विस्तृत पूछताछ और अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए रात में ही मुंबई रवाना हो गई।
शूटरों को वाहन और संपर्क सूत्र मुहैया कराने का खुलासा
मामले की जांच में सामने आए तथ्यों के मुताबिक पकड़े गए दोनों आरोपियों की भूमिका वारदात की तैयारी और साजिश से सीधे तौर पर जुड़ी हुई थी। जांच एजेंसियों के अनुसार समीर ही वह कड़ी था, जिसने शूटर रेहान की बातचीत अनिल पंडित से करवाई थी। वहीं दूसरे आरोपी नितिन की भूमिका शूटरों को मूवमेंट के लिए साधन उपलब्ध कराने की रही। पुलिस के मुताबिक वारदात को अंजाम देने के लिए शूटर नितिन की ही गाड़ी का इस्तेमाल करके मौके पर पहुंचे थे। इसके अतिरिक्त नितिन पूर्व में पकड़े जा चुके आरोपी सुमित का करीबी मित्र भी है।
अकेले सोनीपत से 6 आरोपी सलाखों के पीछे, कई अन्य रडार पर
इस पूरे गोलीबारी कांड में हरियाणा के सोनीपत जिले की भूमिका लगातार संदिग्ध और केंद्रीय बनी हुई है। अब तक पकड़े गए 10 अभियुक्तों में से 6 आरोपी अकेले सोनीपत क्षेत्र से जुड़े हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार पूर्व में पकड़े गए रेहान, फूल सिंह, कुणाल और सुमित के बाद अब समीर व नितिन की गिरफ्तारी से स्थानीय नेटवर्क उजागर हुआ है। जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि यह एक संगठित तंत्र का हिस्सा है, जिसमें लॉजिस्टिक्स, वाहन और संपर्क सूत्र अलग-अलग लोगों के जिम्मे थे। पुलिस की रडार पर अभी कई अन्य संदिग्ध भी मौजूद हैं, जिसके चलते आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियों की पूरी संभावना जताई जा रही है।















































