इटावा। उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने रविवार को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर जोरदार हमला बोलते हुए दावा किया कि प्रदेश की जनता मौजूदा निजाम को उखाड़ फेंकने का संकल्प ले चुकी है। उन्होंने विश्वास जताया कि 2027 के महासमर में जनता के व्यापक समर्थन से अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी। इसके साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की भी मांग कर दी।
इटावा में पत्रकारों से मुखातिब होते हुए शिवपाल यादव ने संगठनात्मक गतिविधियों और भविष्य की चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि पार्टी की जिला कार्यकारिणी की एक अहम बैठक संपन्न हुई है, जिसमें जिले भर के प्रमुख पदाधिकारियों ने भाग लिया और चुनावी तैयारियों की रूपरेखा तय की।
SIR प्रक्रिया पर नजर रखें कार्यकर्ता, गांव-गांव पहुंचाएं पार्टी की नीतियां
बैठक के प्रमुख बिंदुओं को साझा करते हुए वरिष्ठ सपा नेता ने कहा कि आने वाले चुनावों की घड़ी नजदीक आ रही है और इस समय मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) की महत्वपूर्ण प्रक्रिया गतिमान है। ऐसे संवेदनशील समय में संगठन के प्रत्येक पदाधिकारी और जमीनी कार्यकर्ता की जिम्मेदारी बनती है कि वे सतर्क रहकर इस कार्य को संपन्न कराएं। उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे आपसी समन्वय स्थापित कर निर्वाचन नामावली से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता पर पूरा करें। इसके अलावा, समाजवादी पार्टी की लोककल्याणकारी नीतियों, समाजवादी विचारधारा और जनहित के विजन को गांव-गांव और हर घर की दहलीज तक पहुंचाने के लिए पूरी ताकत झोंक दें।
‘झूठ और अफसरों के भ्रष्टाचार पर टिकी है भाजपा सरकार’
प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था पर कड़ा प्रहार करते हुए शिवपाल यादव ने कहा कि सपा कार्यकर्ता हर स्तर पर संघर्ष के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सूबे की जनता मौजूदा हुकूमत के झूठे दावों और वादों की असलियत समझ चुकी है। सरकार विकास के नाम पर केवल फरेब कर रही है और प्रशासनिक तंत्र में अधिकारियों के जरिए भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। शासन की इस कार्यशैली से समाज का आम तबका, किसान और नौजवान बेहद परेशान हैं। इसी असंतोष के चलते राज्य के मतदाताओं ने भाजपा को सत्ता से बेदखल करने का पक्का मन बना लिया है और वे 2027 में अखिलेश यादव के नेतृत्व को प्रदेश की कमान सौंपने का इंतजार कर रहे हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग, कथित गड़बड़ियों की जांच पर जोर
संवाददाताओं से बातचीत के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का उल्लेख करते हुए सपा नेता ने तीखा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में हुई कथित अनियमितताओं और गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। शिवपाल यादव ने तर्क दिया कि जब समूचा विपक्ष चुनाव आयोग के वर्तमान शीर्ष नेतृत्व की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहा है और उनके विरुद्ध खड़ा है, तो नैतिक आधार पर मुख्य चुनाव आयुक्त को स्वयं ही अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बदलाव को बताया अंदरूनी मामला, गठबंधन की मजबूती दोहराई
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के संभावित बदलाव से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए वरिष्ठ सपा नेता ने राजनीतिक मर्यादा और गठबंधन धर्म को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ‘इंडिया’ (इंडी) गठबंधन का प्रमुख घटक दल है और गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच निरंतर सकारात्मक संवाद जारी रहता है। जहां तक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को बदलने का प्रश्न है, वह संबंधित पार्टी का आंतरिक विषय है और किसी अन्य दल के अंदरूनी संगठनात्मक फैसलों पर सार्वजनिक टिप्पणी करना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट संदेश दिया कि विपक्षी गठबंधन पूरी तरह अटूट और एकजुट है तथा आने वाले चुनावों में सभी घटक दल एक साथ मिलकर मजबूती से मैदान में उतरेंगे।




















































