सुल्तानपुर। उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में रविवार की सुबह पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा पेश आया। भारतीय सेना के एक जांबाज सूबेदार के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक आवास ले जा रही एंबुलेंस अनियंत्रित होकर सेना के ही एक ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और एंबुलेंस में सवार मृतक सैनिक के पुत्र सहित चार व्यक्तियों की मौके पर ही जान चली गई। अचानक हुए इस भयावह हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और आवागमन बाधित हो गया।
सुबह साढ़े आठ बजे हुआ दर्दनाक हादसा, एंबुलेंस के उड़े परखच्चे
प्रशासनिक अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह भीषण सड़क दुर्घटना रविवार सुबह लगभग 8:30 बजे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के एक हिस्से पर घटित हुई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि उसकी आवाज दूर तक सुनाई दी। सूचना मिलते ही स्थानीय थानों की पुलिस फोर्स और एक्सप्रेसवे राहत दल तत्काल मौके पर पहुंचे। बचाव कर्मियों ने स्थानीय लोगों की सहायता से एंबुलेंस के मलबे में फंसे लोगों को काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला, परंतु तब तक चारों दम तोड़ चुके थे।
लखनऊ से गाजीपुर जा रहा था सूबेदार का पार्थिव शरीर
पुलिस अधिकारियों ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह एंबुलेंस सेना के सूबेदार सत्यवान फौजी का पार्थिव शरीर लेकर राजधानी लखनऊ से गाजीपुर की ओर रवाना हुई थी। दिवंगत फौजी को अंतिम विदाई देने के लिए उनके स्वजन भी उसी वाहन में सवार थे। अधिकारियों ने दुर्घटना में मृत सभी चारों व्यक्तियों की शिनाख्त की पुष्टि कर दी है। मृतकों में एंबुलेंस चालक जसपाल के अलावा दिवंगत सूबेदार के सुपुत्र गौरव सिंह (पुत्र सत्यभान), राजन सिंह (पुत्र भूपति) और राम समझ (पुत्र जयसिंह) शामिल हैं। एक साथ चार जिंदगियां खत्म होने से पीड़ित परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
अंबेडकर नगर में गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर भी हुआ था घातक हादसा
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुई यह त्रासद घटना राज्य के अंबेडकर नगर जिले में गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर हुए एक अन्य जानलेवा हादसे के ठीक कुछ दिनों बाद सामने आई है। उस पूर्ववर्ती हादसे में एक तेज रफ्तार वॉल्वो बस और बड़े ट्रेलर के मध्य आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई थी, जिसमें चार मुसाफिरों की जान चली गई थी और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
वह दुर्घटना शुक्रवार तड़के करीब 5:30 बजे जैतपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के 85वें किलोमीटर के समीप घटित हुई थी। उस दौरान धमाके जैसी आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत दौड़कर पहुंचे थे और यात्रियों की मदद शुरू करते हुए पुलिस नियंत्रण कक्ष को सूचित किया था।
एक्सप्रेसवे पर लगातार बढ़ रही दुर्घटनाओं से चिंता
अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. तेजवीर सिंह ने उस पूर्व हादसे का ब्योरा साझा करते हुए बताया था कि आपातकालीन सेवा यूपी-112 के माध्यम से तड़के 5:30 बजे जैतपुर थाना क्षेत्र में वोल्वो बस और ट्रक के आपस में टकराने की सूचना मिली थी। इसके तुरंत बाद पुलिस अमले ने मौके पर पहुंचकर युद्धस्तर पर बचाव अभियान चलाया था और बस के क्षतिग्रस्त ढांचे में फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला था। घायलों को प्राथमिक उपचार हेतु सबसे पहले नागपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया था। राज्य के प्रमुख एक्सप्रेसवे पर एक के बाद एक घटित हो रही इन गंभीर दुर्घटनाओं ने तेज गति और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक हलकों में गंभीर चिंता पैदा कर दी है।




















































