उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जनपद अंतर्गत खलीलाबाद क्षेत्र में चुनावी रंजिश ने बेहद खौफनाक रूप अख्तियार कर लिया। सदर कोतवाली क्षेत्र स्थित भगठान (गोसाईंपुर) गांव में दबंगों और पाटीदारों ने सुनियोजित षड्यंत्र के तहत 35 वर्षीय जिला केसरी पहलवान ब्रह्मानंद यादव पर बर्बरतापूर्वक हमला बोल दिया। आंखों में लाल मिर्च का पाउडर झोंकने के उपरांत कुल्हाड़ी, लाठी-डंडों और गोलियों से प्रहार कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया। बीच-बचाव का प्रयास कर रहे पीड़ित के भाई पर भी जानलेवा फायरिंग की गई, जिसने ओट में छिपकर इस जघन्य कृत्य को अपने मोबाइल कैमरे में दर्ज किया। इस हृदयविदारक घटना के बाद समूचे जनपद में भारी जनाक्रोश और तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
घात लगाकर बैठे हमलावरों ने पहले फेंकी मिर्च, फिर किए ताबड़तोड़ वार
घटनाक्रम की प्रत्यक्षदर्शी गवाही देते हुए मृतक के भाई ने बताया कि ब्रह्मानंद मवेशियों के लिए चारा और चोकर-दाना लाने अपनी मोटरसाइकिल से निकले थे। रास्ते में पहले से ही हथियारों से लैस हमलावर घात लगाए उनका इंतजार कर रहे थे। जैसे ही पहलवान वहां से गुजरे, आरोपियों ने अचानक उनकी आंखों में पिसा हुआ लाल मिर्च पाउडर झोंक दिया। तीखेपन और जलन के चलते पहलवान ने दोपहिया वाहन से नियंत्रण खो दिया और वह सीधे सड़क पर गिर पड़े।
गिरते ही हमलावरों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। परिजनों के मुताबिक गांव के ही राकेश, बलिराम, अजय, करिया, अभिमन्यु, मानसिंह, छठीर सहित सात-आठ अज्ञात उपद्रवियों ने टांगी और कुल्हाड़ियों से उन पर अंधाधुंध वार करने शुरू कर दिए। वहशीपन की पराकाष्ठा यहीं नहीं रुकी; हमलावरों ने अपनी मंशा पूरी करने के लिए पहलवान पर असलहों से गोलियां भी दाग दीं। भाई जब जान बचाने दौड़ा तो उस पर भी गोलियां चलाई गईं, जिसके बाद उसने जान बचाकर दूर से ही इस रक्तरंजित वारदात का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। गंभीर रूप से जख्मी ब्रह्मानंद को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के पश्चात उन्हें मृत घोषित कर दिया।
आक्रोशित ग्रामीणों ने हाईवे पर शव रखकर लगाया लंबा जाम
जिला केसरी पहलवान की निर्मम हत्या का समाचार फैलते ही परिजनों के साथ भारी तादाद में स्थानीय ग्रामीण सड़क पर उतर आए। आक्रोश की ज्वाला तब और भड़क गई जब प्रदर्शनकारियों ने खलीलाबाद बाईपास पर शव रखकर यातायात पूरी तरह ठप कर दिया। राजमार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और परिजन आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी पर अड़ गए। कानून-व्यवस्था बिगड़ने की भनक लगते ही अपर पुलिस अधीक्षक भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार से लंबी बातचीत की, कठोर विधिक कार्रवाई का ठोस भरोसा दिलाया और स्थिति को शांत कराते हुए जाम हटवाया। इसके बाद शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेजा गया।
पुलिस अधीक्षक ने साधी कमान, धरपकड़ के लिए गठित की गईं तीन टीमें
कानून-व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील बने इस इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। संत कबीर नगर के पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीणा ने आधिकारिक जानकारी देते हुए पुष्टि की कि यह भीषण वारदात पूर्व से चली आ रही चुनावी अदावत और आपसी वैमनस्य का परिणाम है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए नामजद अभियुक्तों में से कुछ को हिरासत में ले लिया है, जिनसे सघन पूछताछ जारी है। शेष फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की तीन विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर निरंतर दबिश दे रही हैं। पुलिस प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी हमलावरों को शीघ्र सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।





















































