उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद में खान-पान की स्वच्छता और मानवीय मर्यादा को तार-तार कर देने वाली एक घिनौनी घटना प्रकाश में आई है। क्षेत्र के एक ढाबे पर तंदूर में रोटियां सेंकने के दौरान उन पर थूकने का एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद जनमानस में जबरदस्त रोष भड़क उठा। जनभावनाओं और खाद्य सुरक्षा से जुड़े इस संवेदनशील मामले का संज्ञान लेते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की और वीडियो में दिख रहे आरोपी युवक को गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
कैमरे में कैद हुई शर्मनाक हरकत, तेजी से फैला वीडियो
यह पूरा प्रकरण बागपत जिले के खेकड़ा थाना क्षेत्र स्थित रटौल पुलिस चौकी के अंतर्गत आने वाले एक ढाबे का है। जानकारी के अनुसार, वहां कार्यरत एक रोटी कारीगर तंदूर में रोटी लगाने से ठीक पूर्व बार-बार उस पर थूकता नजर आया। इस अशोभनीय और अस्वास्थ्यकर कृत्य को वहां मौजूद किसी सजग व्यक्ति ने चुपके से अपने फोन के कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया। यह फुटेज जैसे ही इंटरनेट के विभिन्न माध्यमों पर साझा हुआ, उपयोगकर्ताओं में भारी गुस्सा देखने को मिला और लोग आरोपी के विरुद्ध कठोर कानूनी कदम उठाने की मांग करने लगे।
सोशल मीडिया सेल की सक्रियता से पकड़ा गया आरोपी महताब
वीडियो के इंटरनेट पर प्रसारित होते ही बागपत पुलिस के सोशल मीडिया निगरानी तंत्र और खेकड़ा थाने की टीम तत्काल सक्रिय हो गई। तकनीकी जांच और स्थानीय सूत्रों की सहायता से वीडियो की सत्यता की पुष्टि की गई। इसके उपरांत आरोपी की पहचान सिराजुद्दीन के पुत्र महताब के रूप में स्थापित हुई, जो संबंधित ढाबे पर तंदूर का संचालन करता था। पहचान पुष्ट होते ही पुलिस बल ने त्वरित छापेमारी करते हुए महताब को हिरासत में ले लिया।
स्वास्थ्य और आस्था से खिलवाड़ पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
पुलिस अधिकारियों ने मामले का ब्योरा देते हुए स्पष्ट किया कि अभियुक्त के विरुद्ध प्रासंगिक कानूनी धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है तथा अग्रिम न्यायिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। अधिकारियों ने दो टूक चेतावनी दी कि आम जनता की सेहत, स्वच्छता और सामाजिक सौहार्द के साथ किसी भी सूरत में समझौता नहीं किया जाएगा।
होटल व ढाबों की नियमित निगरानी की उठी मांग
इस निंदनीय कृत्य के सामने आने के पश्चात क्षेत्रवासियों और सामाजिक संगठनों ने स्थानीय प्रशासन से ढाबों, भोजनालयों और रेस्तराओं में काम करने वाले कर्मचारियों के नियमित सत्यापन की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि खाद्य सुरक्षा विभाग को भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता मानकों का समय-समय पर औचक निरीक्षण करना चाहिए, जिससे ऐसी अशोभनीय और जनस्वास्थ्य को संकट में डालने वाली प्रवृत्तियों पर पूर्ण विराम लगाया जा सके।





















































