उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जनपद से एक रूह कंपा देने वाला औद्योगिक हादसा सामने आया है, जहां सोमवार शाम एक टायर तेल निष्कर्षण इकाई में अचानक भीषण आग लग गई। गजनेर क्षेत्र में संचालित इस फैक्टरी में उस वक्त चीख-पुकार मच गई जब करीब 30 फीट की ऊंचाई पर स्थित एक विशाल टैंक आग के विकराल गोले में तब्दील हो गया। इस भयावह घटना में टैंक के ऊपर कार्यरत दो श्रमिक लपटों में घिरने के कारण गंभीर रूप से झुलस गए और सीधे नीचे आ गिरे, जिससे दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
30 फीट की ऊंचाई पर मौत का तांडव, बाल-बाल बचे 4 मजदूर
प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, हादसा सोमवार शाम करीब साढ़े पांच बजे घटित हुआ। जिस वक्त आग की भयावह लपटें उठीं, उस समय दो श्रमिक जमीन से लगभग 30 फीट ऊपर विशाल टैंक पर कुछ काम कर रहे थे। अचानक भड़की आग ने उन्हें संभलने तक का मौका नहीं दिया और दोनों लपटों के बीच घिरकर सीधे जमीन पर आ गिरे। फैक्टरी परिसर में उस वक्त मौजूद चार अन्य कामगारों और मौके पर खड़े एक टैंकर के चालक ने जैसे-तैसे भागकर अपनी जान बचाई, जिससे एक और बड़ा जान-माल का नुकसान होने से टल गया।
जरीहा गांव के पास पिछले पांच वर्षों से चल रही थी फैक्टरी
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि जिला मुख्यालय से लगभग 44 किलोमीटर की दूरी पर गजनेर थाना अंतर्गत जरीहा गांव के निकट ‘ओम जेवीआरडी’ नाम से यह औद्योगिक इकाई स्थापित है। यह प्लांट पिछले पांच वर्षों से पुराने और निष्प्रयोज्य टायरों को प्रसंस्कृत करने का काम कर रहा था। यहां ऑक्सीजन-रहित बंद चैंबर के भीतर अत्यधिक उच्च तापमान पर अनुपयोगी टायरों को प्रोसेस कर उनसे तेल निकालने की प्रक्रिया की जाती थी। इसी जटिल और संवेदनशील प्रक्रिया के दौरान अचानक यह अप्रत्याशित हादसा हो गया।
दमकल की आधा दर्जन गाड़ियों ने 40 मिनट में पाया आग पर काबू
मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) प्रतीक श्रीवास्तव ने घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि फायर कंट्रोल रूम को शाम लगभग 5:50 बजे इस दुर्घटना की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना के तत्काल बाद वे स्वयं तीन दमकल वाहनों को लेकर घटनास्थल के लिए रवाना हो गए। लपटों की भयावहता और केमिकल युक्त तेल के कारण मौके पर तीन अतिरिक्त फायर टेंडरों को बैकअप के रूप में तैनात किया गया। अग्निशमन कर्मियों ने भारी मशक्कत के बाद करीब 40 मिनट की कड़ी मशक्कत में आग को पूरी तरह बुझाकर स्थिति को नियंत्रण में लिया।
मृतकों की शिनाख्त में जुटी पुलिस, जांच के आदेश
कानपुर देहात की पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि आग में बुरी तरह झुलसने के कारण जान गंवाने वाले दोनों श्रमिकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। फैक्टरी परिसर में सुरक्षा मानकों और आग बुझाने के अनिवार्य प्रबंधों की भी पड़ताल की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस औद्योगिक इकाई में सुरक्षा नियमों का पालन हो रहा था या नहीं।





















































