उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के वृंदावन क्षेत्र से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है, जहां रुक्मणी विहार में निर्माणाधीन ‘वृंदावन कोर्टयार्ड मॉल’ की शटरिंग अचानक भरभराकर गिर पड़ी। इस भीषण दुर्घटना में चार मजदूर मलबे के नीचे दब गए, जिनमें से तीन श्रमिकों ने अपनी जान गंवा दी, जबकि एक मजदूर जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासनिक अमला और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और आनन-फानन में राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया।
देर रात छत की ढलाई के दौरान हुआ भयानक हादसा
जानकारी के मुताबिक, रुक्मणी विहार इलाके में ओमेक्स समूह की एक बहुमंजिला व्यावसायिक इमारत का निर्माण कार्य चल रहा था। शुक्रवार की देर रात दूसरी मंजिल पर स्थित बालकनी (छज्जा) और छत की स्लैब ढलाई का काम जारी था। इसी बीच वजन न संभाल पाने के कारण लोहे और लकड़ी की शटरिंग मलबे सहित अचानक नीचे आ गिरी। वहां काम कर रहे चार मजदूर सीधे इसकी चपेट में आ गए और भारी मलबे के नीचे दब गए।
राहत-बचाव अभियान और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की जद्दोजहद
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक (नगर) राजीव कुमार सिंह पुलिस बल और अग्निशमन कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। भारी मलबे को हटाकर फंसे हुए चारों मजदूरों को बाहर निकाला गया। इनमें से एक श्रमिक ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया था, जबकि बाकी तीन को फौरन नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के अथक प्रयासों के बावजूद अस्पताल में उपचार के दौरान दो और मजदूरों की मौत हो गई।
चौथे घायल मजदूर की नाजुक स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर चिकित्सा के लिए आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।
परिजनों में मचा कोहराम, सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप
हादसे की खबर मिलते ही मृतक मजदूरों के परिजनों में चीख-पुकार मच गई और भारी आक्रोश फैल गया। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों और तकनीकी सावधानियों की खुलेआम अनदेखी की जा रही थी। उन्होंने निर्माण एजेंसी और ठेकेदार की लापरवाही को इस हादसे की मुख्य वजह बताते हुए कड़ी कानूनी कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग की है। पुलिस ने तीनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और निर्माण संबंधी सभी पहलुओं की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया संज्ञान, दिए हरसंभव मदद के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा के इस हृदयविदारक हादसे का तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। सीएम योगी ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि घायल श्रमिक को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा पीड़ित परिवारों से लगातार संपर्क बनाकर उन्हें हरसंभव प्रशासनिक और आर्थिक सहायता मुहैया कराई जाए।
एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि ओमेक्स की कमर्शियल साइट पर छज्जा निर्माण के दौरान शटरिंग गिरने की यह घटना हुई, जिसमें मलबे में दबने से तीन मजदूरों की जान चली गई है और पूरे मामले की वैधानिक जांच की जा रही है।





















































