उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के ‘पीडीए’ फॉर्मूले पर जोरदार सियासी प्रहार किया है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं पद्म विभूषण स्वर्गीय कल्याण सिंह ‘बाबूजी’ की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गिरगिट की तरह रंग बदलने वाले लोग अपनी सुविधानुसार शब्दों के मायने बदलते रहते हैं। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि जो लोग आज ‘पी’ का अर्थ कभी पिछड़ा तो कभी पंडित बता रहे हैं, वे आने वाले दिनों में इसका संबंध पाकिस्तान से जोड़ने में भी संकोच नहीं करेंगे।
सिद्धांतों और सनातन मूल्यों के प्रतीक थे बाबूजी
राजधानी लखनऊ के इकाना स्टेडियम में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि कोई भी इंसान केवल पद से बड़ा नहीं होता, बल्कि उसका आचरण, सोच और महान कर्म उसे बड़ा बनाते हैं।
कल्याण सिंह के जीवन पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अतरौली के एक बेहद साधारण किसान परिवार में जन्मे बाबूजी ने आजीवन अपने नैतिक मूल्यों और सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की वैचारिक पाठशाला में तपकर निकले कल्याण सिंह ने एक समर्पित स्वयंसेवक, शिक्षक, विधायक, मंत्री, मुख्यमंत्री, सांसद और राज्यपाल जैसी महत्वपूर्ण भूमिकाओं का निष्ठापूर्वक निर्वहन किया। उनका संपूर्ण जीवन सादगी, कठोर साधना, तपस्या और सामाजिक न्याय के लिए किए गए संघर्षों से भरा रहा।
सत्ता छोड़ना स्वीकार किया, लेकिन रामभक्तों पर गोली चलाने से किया इनकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि कल्याण सिंह हमेशा सिद्धांतों के लिए अड़े रहे और अक्सर दोहराते थे कि “कल्याण सिंह टूट सकता है, लेकिन कभी झुक नहीं सकता।”
श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में उनके ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए सीएम योगी ने कहा कि बाबूजी के लिए सत्ता से बढ़कर प्रभु श्रीराम का सम्मान था। उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि वे सत्ता गंवाना पसंद करेंगे, लेकिन अयोध्या में निहत्थे रामभक्तों पर गोली चलवाने का पाप कभी नहीं करेंगे। आज जब अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य और दिव्य मंदिर बनकर तैयार है, तो ऐसे ऐतिहासिक क्षण में बाबूजी का स्मरण होना स्वाभाविक है।
निधन पर सपा के रवैये को बताया सनातन और हिंदू गौरव का अपमान
मुख्यमंत्री ने अपने नौ साल के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्हें तीन अलग-अलग दलों के पूर्व मुख्यमंत्रियों के निधन पर श्रद्धांजलि कार्यक्रमों में सम्मिलित होने का अवसर मिला। कल्याण सिंह के देहावसान को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं दिल्ली के सारे कार्यक्रम छोड़कर सीधे लखनऊ पहुंचे और श्रद्धांजलि दी। अंतिम यात्रा से लेकर नरोरा में हुए अंतिम संस्कार तक पूरी सरकार उपस्थित रही।
सीएम योगी ने कहा कि विरोधी विचारधारा की होने के बावजूद बसपा प्रमुख मायावती ने सामान्य शिष्टाचार और भारतीय संस्कारों का पालन करते हुए कल्याण सिंह को नमन किया था। वहीं दूसरी तरफ, समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने सामने आकर तो दूर, संवेदना के दो शब्द तक प्रकट नहीं किए। मुख्यमंत्री ने इसे बाबूजी के साथ-साथ हिंदू समाज, सनातन मूल्यों और पिछड़ों के गौरव का खुला अपमान करार दिया।





















































