उत्तर प्रदेश के धर्मनगरी मथुरा अंतर्गत वृंदावन क्षेत्र से एक हृदयविदारक हादसे की खबर सामने आई है। रुक्मणी विहार में स्थित ओमेक्स समूह की एक निर्माणाधीन व्यावसायिक इमारत में शुक्रवार तड़के बड़ा हादसा हो गया। निर्माण कार्य के दौरान भारी-भरकम शटरिंग अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गई, जिसके नीचे काम कर रहे चार मजदूर दब गए। इस गंभीर दुर्घटना में तीन श्रमिकों ने अपनी जान गंवा दी, जबकि एक अन्य श्रमिक जीवन और मौत के बीच जूझ रहा है। घटना के बाद से निर्माण स्थल पर हड़कंप मच गया और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत राहत व बचाव का मोर्चा संभाला।
सुबह 7 बजे हुआ हादसा, मलबे में दबे 4 मजदूर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रुक्मणी विहार स्थित ओमेक्स कमर्शियल साइट पर शुक्रवार की सुबह लगभग 7 बजे मजदूर रोजाना की तरह निर्माण कार्य में जुटे हुए थे। उसी दौरान दूसरी मंजिल पर प्रोजेक्शन छज्जे के निर्माण के लिए लगाई गई लोहे और लकड़ी की शटरिंग अचानक अनियंत्रित होकर नीचे आ गिरी। भारी मलबे और निर्माण सामग्री के नीचे चार मजदूर पूरी तरह दब गए। साइट पर मौजूद अन्य कर्मचारियों में चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, अग्निशमन दल (फायर ब्रिगेड), मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) और क्षेत्राधिकारी (सीओ) दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और तत्परता से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
रेस्क्यू के बाद 1 ने मौके पर तोड़ा दम, अस्पताल में 2 अन्य की मौत
पुलिस अधीक्षक (नगर) राजीव सिंह ने घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस और दमकल विभाग की संयुक्त टीम ने मलबे को हटाकर तेजी से चारों दबे हुए श्रमिकों को बाहर निकाला। इनमें से एक मजदूर की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो चुकी थी, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल श्रमिकों को तत्काल उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया।
अस्पताल में आपातकालीन इलाज के दौरान दो अन्य घायल मजदूरों ने भी दम तोड़ दिया, जिससे हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर तीन हो गई। वहीं चौथे श्रमिक की नाजुक हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे उच्च स्तरीय उपचार हेतु एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा के लिए रेफर कर दिया है, जहां उसका इलाज जारी है।
पश्चिम बंगाल और नेपाल के रहने वाले थे मृतक श्रमिक
एसपी सिटी राजीव सिंह के मुताबिक, हादसे का शिकार हुए श्रमिकों में से दो मजदूर पश्चिम बंगाल के रहने वाले थे, जबकि एक मृतक श्रमिक पड़ोसी देश नेपाल का निवासी था। पुलिस प्रशासन ने सभी शवों को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इसके साथ ही संबंधित ठेकेदार, निर्माण एजेंसी और सुरक्षा मानकों की स्थिति की गहनता से तकनीकी जांच की जा रही है कि आखिर इतना बड़ा ढांचा किस तकनीकी खामी या लापरवाही के कारण अचानक ढह गया।





















































