उत्तर प्रदेश के महोबा जनपद अंतर्गत कुलपहाड़ क्षेत्र से रिश्तों को तार-तार कर देने वाला एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक सिरफिरे युवक ने केवल 60 रुपये न मिलने के विवाद में अपनी सगी मां पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला कर उसे बेरहमी से मौत की नींद सुला दिया। इस जघन्य हत्याकांड के पीछे नशीले पदार्थ की लत मुख्य वजह बनकर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके के लोगों को स्तब्ध कर दिया है।
गांजे के लिए पैसे न मिलने पर खौफनाक कदम
स्थानीय ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के मुताबिक, रावतपुरा खुर्द गांव का निवासी 28 वर्षीय मोहन यादव लंबे समय से गांजे के गंभीर नशे की गिरफ्त में था। नशे की इस घातक लत के कारण वह अक्सर अपनी 51 वर्षीया मां मूला देवी पर पैसों के लिए दबाव बनाता और घर में आए दिन कलह करता था।
बुधवार के दिन भी मोहन ने अपनी मां से गांजा खरीदने के लिए 60 रुपये की मांग की थी। जब मूला देवी ने अपनी असमर्थता जताते हुए पैसे देने से साफ इनकार कर दिया, तो आरोपी का आपा खो गया। गुस्से में बेकाबू होकर उसने घर के कोने में रखी तेजधार कुल्हाड़ी उठाई और अपनी मां के गले पर ताबड़तोड़ कई प्रहार कर दिए। वार इतने गंभीर और गहरे थे कि महिला ने कुछ ही पलों में तड़पकर मौके पर ही दम तोड़ दिया।
कत्ल के बाद दो घंटे तक लाश के पास बैठा रहा कातिल
इस हत्याकांड का सबसे विचलित कर देने वाला पहलू यह रहा कि अपनी जन्मदात्री की जान लेने के बाद भी आरोपी के चेहरे पर न तो कोई पछतावा था और न ही कानून का खौफ। वह मौके से भागने या छिपने के बजाय करीब दो घंटे तक खून से लथपथ पड़ी मां की पार्थिव देह के करीब ही खामोशी से बैठा रहा।
इस पूरे घटनाक्रम से पर्दा उस वक्त उठा जब परिवार का बड़ा बेटा सोहन यादव नोएडा से अपने पैतृक गांव पहुंचा। सोहन अपनी पत्नी के प्रसव से जुड़े पारिवारिक कार्यों के सिलसिले में घर आया था। जैसे ही उसने चौखट पार कर घर के भीतर प्रवेश किया, फर्श पर पसरा खून और मां का क्षत-विक्षत शव देखकर उसकी चीख निकल गई।
मौके पर पहुंची फॉरेंसिक टीम, आरोपी हिरासत में
चीख-पुकार और रोने की आवाजें सुनकर आसपास के ग्रामीण भारी संख्या में मौके पर एकत्र हो गए और आनन-फानन में पुलिस प्रशासन को इसकी सूचना दी गई। वारदात की गंभीरता को देखते हुए कुलपहाड़ कोतवाली के प्रभारी भारी पुलिस बल और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।
जांच अधिकारियों ने मौका-ए-वारदात से जरूरी साक्ष्य, फिंगरप्रिंट्स और खून के नमूने एकत्र किए, जिसके बाद मृतका के शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया। पुलिस ने खून से सने कपड़ों में बैठे आरोपी मोहन यादव को तुरंत हिरासत में ले लिया और उससे सघन पूछताछ शुरू कर दी है। महज साठ रुपये की खातिर हुए इस अमानवीय कृत्य के बाद से समूचे रावतपुरा खुर्द गांव में मातम और गहरा सन्नाटा पसरा हुआ है।





















































