लखनऊ। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रयागराज आगमन को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। राज्य के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने राहुल गांधी के इस दौरे पर बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए उन पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। डिप्टी सीएम ने राहुल के चर्चित नारे ‘मोहब्बत की दुकान’ पर कड़ा कटाक्ष करते हुए कहा कि वे इस आड़ में नफरत फैलाने वाली राजनीति को प्रयागराज की धरती पर लाने का प्रयास कर रहे हैं।
आनंद भवन जाकर पूर्वजों की उपेक्षा का करें अहसास: केशव मौर्य
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उपमुख्यमंत्री ने राहुल गांधी की राजनीतिक परिपक्वता पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने लिखा कि बचकानी राजनीति का पर्याय बन चुके राहुल गांधी को प्रयागराज प्रवास के दौरान अपने पैतृक आवास ‘आनंद भवन’ और उसके आसपास के इलाकों का दौरा जरूर करना चाहिए। मौर्य के अनुसार, यदि राहुल वहां जाएंगे तो उन्हें इस बात का भान होगा कि देश पर दशकों तक शासन करने वाले उनके परिवार ने अपने गृह नगर प्रयागराज को किस कदर उपेक्षित और विकास से दूर रखा था।
डबल इंजन सरकार में बदला प्रयागराज का परिदृश्य
भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि आज का प्रयागराज उपेक्षा के दौर से बाहर निकल चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘डबल इंजन’ सरकार के मार्गदर्शन में यह पौराणिक शहर प्रगति के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रयागराज अब केवल प्रतियोगी छात्रों के आंदोलन और उनकी मांगों का केंद्र ही नहीं रहा, बल्कि पूरे क्षेत्र में चौतरफा बुनियादी विकास और सुशासन की गूंज स्पष्ट सुनाई दे रही है।
पवित्र संगम और श्रृंगवेरपुर धाम दर्शन की दी सलाह
उपमुख्यमंत्री ने राहुल गांधी को अपने दौरे के दौरान जिले के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व वाले स्थलों पर जाने का परामर्श भी दिया। उन्होंने कहा कि हालांकि किसी की आस्था या व्यक्तिगत निष्ठा पर सवाल उठाना उचित नहीं है, लेकिन यदि समय मिले तो राहुल गांधी को पवित्र त्रिवेणी संगम और ऐतिहासिक पुण्य धाम श्रृंगवेरपुर के दर्शन अवश्य करने चाहिए। मौर्य ने उम्मीद जताई कि इन पवित्र स्थानों के दर्शन करने के बाद शायद राहुल गांधी को भाजपा सरकार के ‘विरासत भी और विकास भी’ के संकल्प तथा उसके द्वारा धरातल पर लाए गए सकारात्मक बदलावों को खुले मन से स्वीकार करने की प्रेरणा मिलेगी।





















































