कौशांबी/प्रयागराज। प्रयागराज और कौशांबी जनपद की सीमा पर स्थित मोहम्मदपुर गांव में सोमवार की दोपहर उस वक्त कोहराम मच गया जब एक पटाखा निर्माण इकाई में अचानक भीषण विस्फोट हो गया। इस प्रलयंकारी हादसे में दो बच्चों समेत कुल पांच लोगों की मौके पर ही जान चली गई, जबकि 15 से अधिक लोग आग और मलबे की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए। धमाका इतना तीव्र था कि पूरी निर्माण इकाई ताश के पत्तों की तरह ढह गई और आसपास बने करीब आधा दर्जन रिहायशी मकानों को भी भारी क्षति पहुंची। घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों और प्रशासनिक अमले ने मोर्चा संभालते हुए राहत कार्य शुरू कर दिया।
दो किलोमीटर तक गूंजी धमाके की आवाज, कई मकानों में आई दरारें
यह दर्दनाक हादसा दोपहर लगभग 12:30 बजे हुआ। मोहम्मदपुर गांव मनौरी वायुसेना स्टेशन से महज दो किलोमीटर के फासले पर स्थित है। जिस वक्त यह अनहोनी घटी, उस समय फैक्ट्री परिसर में लगभग 15 श्रमिक बारूद से आतिशबाजी तैयार करने में जुटे हुए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना जबर्दस्त था कि उसकी गूंज करीब दो किलोमीटर दूर तक सुनाई दी और आसमान में काले धुएं का विशाल गुबार छा गया। मुख्य विस्फोट के बाद भी फैक्ट्री में मौजूद आतिशबाजी सामग्री लगातार कई मिनटों तक फटती रही, जिससे आसपास के रिहायशी इलाकों में रह रहे लोगों में भारी दहशत फैल गई और कई पड़ोसी भी इसकी चपेट में आकर जख्मी हो गए।
चारपाइयों पर घायलों को लेकर भागे ग्रामीण, एयरफोर्स और पुलिस ने संभाला मोर्चा
विस्फोट की भयावह आवाज सुनकर स्थानीय ग्रामीण जान की परवाह किए बिना घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। मलबे में तब्दील हो चुकी इमारत से बुरी तरह झुलसे लोगों को ग्रामीणों ने चारपाइयों पर लादकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया और प्राथमिक मदद दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। नजदीक स्थित मनौरी एयरफोर्स स्टेशन से वायुसेना की विशेष टीमें भी तुरंत सक्रिय हो गईं और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर युद्धस्तर पर संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मलबे के भारी ढेर में किसी अन्य व्यक्ति के दबे होने की आशंका के मद्देनजर सघन तलाशी अभियान चलाया गया।
फैक्ट्री मालिक आदिल पर नजर, सुरक्षा मानकों और लाइसेंस की गहन जांच शुरू
पुलिस के प्रारंभिक आकलन के अनुसार, इस इकाई में भारी मात्रा में विस्फोटक बारूद और निर्मित पटाखे अवैध या असुरक्षित तरीके से संग्रहित किए गए थे। जांच एजेंसियों ने बताया कि इस पटाखा इकाई का संचालन आदिल नामक व्यक्ति द्वारा किया जा रहा था। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि विस्फोट के सटीक कारणों का पता लगाने के साथ-साथ यह भी जांचा जा रहा है कि क्या संस्थान के पास वैध लाइसेंस था और वहां सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा था या नहीं। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान घायलों को त्वरित उच्च स्तरीय उपचार उपलब्ध कराने और प्रभावित क्षेत्र में शांति व सुरक्षा बहाल करने पर केंद्रित है।





















































