हरदोई: जनपद के पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत दलेलपुर गांव में गुरुवार का दिन मातम लेकर आया। खेत में काम के दौरान एक किसान की दर्दनाक हादसे में जान चली गई। 55 वर्षीय किसान कुंवर चंद, जिन्हें स्थानीय लोग ‘छोटे’ के नाम से जानते थे, अपने खेत पर बने एक पुराने बोरिंग के गड्ढे से ईंटें निकालने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान अचानक गड्ढे की दीवारें भरभराकर गिर पड़ीं और भारी मात्रा में मिट्टी उनके ऊपर आ गिरी। देखते ही देखते किसान मिट्टी के मलबे में पूरी तरह दब गए।
पत्नी की चीखें और मलबे में दबी जिंदगी
हादसे के वक्त कुंवर चंद की पत्नी भी उनके साथ मौजूद थीं। जैसे ही मिट्टी धंसी, उन्होंने अपने पति को बचाने के लिए शोर मचाना शुरू कर दिया। पत्नी की चीखें सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़े। ग्रामीणों ने अपनी तरफ से किसान को निकालने की कोशिश की, लेकिन गड्ढा 20 फीट गहरा होने के कारण मिट्टी का दबाव इतना अधिक था कि किसी का भी अंदर उतरना जोखिम भरा था। तत्काल इसकी सूचना पुलिस और स्थानीय प्रशासन को दी गई।
तीन घंटे तक चला महा-रेस्क्यू ऑपरेशन
सूचना मिलते ही पाली थाना प्रभारी सोमपाल गंगवार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जेसीबी मशीन मंगवाई गई और युद्धस्तर पर बचाव अभियान शुरू किया गया। अंधेरा होने के बावजूद पुलिस और ग्रामीणों की मदद से लगभग तीन घंटे तक लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। मिट्टी को हटाकर जब तक किसान कुंवर चंद को बाहर निकाला गया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। दम घुटने और मलबे के नीचे दबने के कारण उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई थी।
परिवार में कोहराम, गांव में शोक की लहर
किसान के बाहर निकाले जाते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा भरवाया और उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय स्थित मुर्दाघर भेज दिया। इस हृदय विदारक घटना ने पूरे दलेलपुर गांव को सन्न कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार अगली कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीण इस बात से स्तब्ध हैं कि एक सामान्य सा काम कितना जानलेवा साबित हो सकता है।



















































