उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रयागराज को 400 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की ऐतिहासिक सौगात दी। इस अवसर पर उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश की विकास यात्रा अब मां गंगा की धारा के समान अविरल और निर्बाध गति से आगे बढ़ रही है। सीएम ने जहां एक तरफ भव्य महाकुंभ 2025 की तैयारियों का शानदार खाका पेश किया, वहीं प्रदेश में गुंडों और माफियाओं के पूर्ण खात्मे का सख्त संदेश भी दिया।
प्रयागराज: सांस्कृतिक विरासत और आधुनिकता का महासंगम
उत्तर प्रदेश की संगम नगरी प्रयागराज अब तेजी से एक आधुनिक और स्मार्ट सिटी के रूप में तब्दील हो रही है। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज नगर निगम के नवनिर्मित सदन हॉल और करोड़ों रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस भव्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने ‘चरैवेति-चरैवेति’ (निरंतर चलते रहो) के वैदिक मंत्र का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा कहीं रुकी नहीं है और न ही कहीं थमी है; यह मां गंगा की पावन धारा की तरह अविरल आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि आज का प्रयागराज अपनी सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक गौरव और आधुनिक विकास का एक अद्भुत संगम बन चुका है।
बदलता स्वरूप: 2017 से पहले की अव्यवस्था और आज की वैश्विक पहचान
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर भी निशाना साधा और 2017 से पहले की स्थिति की तुलना वर्तमान से की। उन्होंने याद दिलाया कि एक समय था जब माघ मेला और कुंभ जैसे विशाल आयोजन गंदगी, भगदड़, अव्यवस्था और अराजकता के पर्याय बन गए थे। स्थिति यह थी कि देश-विदेश के श्रद्धालु प्रयागराज आने से कतराने लगे थे।
लेकिन, प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद वर्ष 2019 में जब वर्तमान सरकार को कुंभ के आयोजन का ऐतिहासिक अवसर मिला, तो पूरी तस्वीर ही बदल गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित प्रयागराज कुंभ को अपनी भव्यता और सुव्यवस्था के लिए यूनेस्को (UNESCO) द्वारा मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर के रूप में मान्यता प्राप्त हुई। इस उपलब्धि ने न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरी भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा को वैश्विक पटल पर एक नई और सशक्त पहचान दिलाई।
‘वेस्ट टू वेल्थ’ की मिसाल और आस्था का सम्मान
महाकुंभ 2025 की तैयारियों के मद्देनजर प्रयागराज को सजाने और संवारने का काम युद्ध स्तर पर जारी है। मुख्यमंत्री ने नगर निगम की सराहना करते हुए कहा कि 161 वर्ष पुरानी इमारत को नया जीवन दिया गया है। 400 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के साथ शहर में जोनल और शिवालिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं।
सीएम योगी ने शिवालिक पार्क को ‘वेस्ट टू वेल्थ’ (कचरे से कंचन) की एक बेहद सफल मिसाल बताया। यहां 400 टन अनुपयोगी सामग्री (वेस्ट मटेरियल) का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए द्वादश ज्योतिर्लिंगों की मनमोहक प्रतिकृतियां तैयार की गई हैं, जो आज पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र बन गई हैं। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने सांस्कृतिक धरोहरों के पुनरुद्धार का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया के पहले कुलपति माने जाने वाले महर्षि भारद्वाज का आश्रम वर्षों तक अतिक्रमण का शिकार था, जिसे अब मुक्त कराकर भव्य स्वरूप दिया गया है। वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री की ही प्रेरणा से सदियों से बंद पवित्र ‘अक्षय वट’ को आम श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिया गया, जो आस्था के सम्मान का एक बड़ा प्रतीक है।
माफियाराज का अंत: भयमुक्त उत्तर प्रदेश का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर कड़ा संदेश देते हुए कहा कि आज से 9 वर्ष पहले प्रयागराज में भय, आतंक, अराजकता, माफियागिरी और गुंडागर्दी का खौफनाक माहौल था। सार्वजनिक जमीनों पर सरेआम कब्जे होते थे, जिससे विकास की रफ्तार पूरी तरह ठप हो गई थी।
लेकिन आज का प्रयागराज और उत्तर प्रदेश पूरी तरह से माफियाओं और गुंडागर्दी के चंगुल से मुक्त हो चुका है। सीएम योगी ने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि यदि आज कोई बेटियों से छेड़छाड़ या अपराध करने का दुस्साहस करेगा, तो उसे इसकी बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। डबल इंजन की सरकार ‘सुरक्षा, सुशासन और समृद्धि’ के स्पष्ट लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है, जहां व्यापारी, महिलाएं और आम नागरिक किसी भी समय निडर होकर अपने घरों से बाहर निकल सकते हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर का महाविस्तार और महाकुंभ 2025 की तैयारियां
उत्तर प्रदेश सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य कर रही है। सीएम ने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण से प्रयागराज से दिल्ली की दूरी सिमट जाएगी और यह सफर मात्र 7 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। इस विश्वस्तरीय एक्सप्रेसवे पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर भी वाहन पूरी तरह स्थिर महसूस होगा। इसके साथ ही, हर्षवर्धन जी के विधानसभा क्षेत्र में गंगा नदी पर लगभग 1000 करोड़ रुपये की भारी लागत से एक अत्याधुनिक फोर-लेन पुल का निर्माण किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने प्रयागराज की जनता का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया, जिन्होंने महाकुंभ के 45 दिनों के दौरान भारी भीड़ और यातायात की असुविधाओं के बावजूद बिना किसी विरोध के पूरा सहयोग दिया। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने नगर निगम के शानदार तीन वर्षों के कार्यकाल पर आधारित एक पुस्तक का विमोचन किया, प्रयागराज मेला प्राधिकरण की नई वेबसाइट का उद्घाटन किया और सफाईकर्मियों (सफाई नायक लता कुमारी, पूनम, फूला देवी, मीना देवी और संजय कुमार) को सुरक्षा किट (कैप, ग्लव्स, बूट, मास्क और कोट) देकर सम्मानित किया।
प्रयागराज में हुए इस भव्य आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार विकास और विरासत, दोनों मोर्चों पर पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह संदेश बेहद साफ है कि जन-आस्था का सम्मान, आम नागरिक की अचूक सुरक्षा और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रयागराज, जो कभी अपनी प्रशासनिक अव्यवस्थाओं के लिए सुर्खियों में रहता था, आज नए और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की प्रगति का सबसे चमकता हुआ गवाह बन रहा है।


















































