नोएडा की सेक्टर-24 पुलिस ने शहर में सक्रिय वाहन चोरों और मोबाइल स्नैचर्स के एक शातिर गिरोह की कमर तोड़ दी है। पुलिस ने एक सफल अभियान के दौरान तीन मुख्य आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है और गैंग के एक नाबालिग सदस्य को भी अपनी हिरासत में लिया है। यह गिरोह लंबे समय से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में दोपहिया वाहनों की चोरी और राहगीरों से मोबाइल लूटने की वारदातों को अंजाम देकर दहशत फैला रहा था। पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल क्षेत्र में हो रही वारदातों पर लगाम लगेगी, बल्कि चोरी हुए वाहनों और मोबाइल फोन्स के असली मालिकों को राहत मिलने की उम्मीद भी जगी है।
सेक्टर-11 के नाले के पास बिछाया जाल
पुलिस को 14 जुलाई को अपने मुखबिरों और मैनुअल इंटेलिजेंस के माध्यम से गिरोह के ठिकाने के बारे में गोपनीय सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना के आधार पर सेक्टर-24 थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सेक्टर-11 में स्थित मदर डेयरी के पास, गंदे नाले के पुस्ते के निकट घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही आरोपियों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद पुलिस टीम ने उन्हें खदेड़कर दबोच लिया। पकड़े गए तीन मुख्य आरोपियों की पहचान जितेन्द्र (निवासी दल्लूपुरा, दिल्ली), अरबाज (निवासी बेगूसराय, बिहार) और अभिषेक शाह (निवासी सोनपुर, बिहार) के रूप में हुई है। ये सभी वर्तमान में दिल्ली के दल्लूपुरा क्षेत्र में रह रहे थे।
झाड़ियों में छिपाते थे चोरी के वाहन
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। यह गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था। आरोपी दिल्ली और नोएडा के भीड़भाड़ वाले इलाकों में रेकी करते थे और घरों के बाहर खड़ी स्कूटी या मोटरसाइकिल को निशाना बनाकर मौका मिलते ही उड़ा लेते थे। इन वाहनों को तुरंत ठिकाने लगाने के बजाय, आरोपी उन्हें सेक्टर-54 के सुनसान जंगलों और घनी झाड़ियों में छिपा देते थे। गिरोह का मास्टरमाइंड चोरी किए गए वाहनों की नंबर प्लेट को तोड़ देता था, ताकि पुलिस की पकड़ से बचा जा सके। इसके बाद, बेहद सस्ते दामों में राह चलते लोगों को ‘अपनी मजबूरी’ बताकर ये वाहन बेच दिए जाते थे।
अवैध चाकू के दम पर करते थे मोबाइल लूट
यह गिरोह केवल वाहन चोरी तक ही सीमित नहीं था, बल्कि मोबाइल स्नैचिंग की घटनाओं में भी संलिप्त था। आरोपी भीड़भाड़ वाले इलाकों में राहगीरों को निशाना बनाते थे। यदि कोई विरोध करने की कोशिश करता, तो उसे डराने-धमकाने के लिए आरोपी अपने पास हमेशा अवैध चाकू रखते थे। पुलिस ने इनके पास से चार अवैध चाकू, तीन छीने गए मोबाइल फोन और 1200 रुपये नकद भी बरामद किए हैं। बरामद वाहनों में दिल्ली और यूपी में पंजीकृत स्कूटियां व मोटरसाइकिलें शामिल हैं, जबकि दो वाहन पूरी तरह से नंबर प्लेट विहीन मिले हैं।
आदतन अपराधी हैं गैंग के सदस्य
पुलिस जांच में सामने आया है कि ये सभी आरोपी आदतन अपराधी हैं और इनके खिलाफ थाना सेक्टर-24 सहित दिल्ली के गाजीपुर थाने में भी कई संगीन आपराधिक मामले पहले से ही दर्ज हैं। पुलिस अब इनके पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है। फिलहाल पुलिस उन ग्राहकों की तलाश कर रही है जिन्हें इन्होंने चोरी के वाहन बेचे थे। साथ ही, जब्त किए गए मोबाइल फोन्स और वाहनों के दस्तावेजों की पुष्टि कर उन्हें उनके असली मालिकों तक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस गिरोह की गिरफ्तारी को नोएडा पुलिस की एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।





















































