देश के दो सबसे प्रतिष्ठित और आस्था के बड़े केंद्रों— अयोध्या के श्रीराम मंदिर और उत्तराखंड के भू-वैकुंठ बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित चोरी और वित्तीय हेरफेर के मामलों ने देश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। इस संवेदनशील मुद्दे पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने बेहद आक्रामक और सख्त रुख अख्तियार किया है। मंगलवार को उन्होंने इस पूरे प्रकरण की उच्च-स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की पुरजोर मांग उठाई। मायावती ने दोटूक लहजे में कहा कि इस महाघोटाले में केवल छोटे कर्मचारियों पर गाज गिराने से काम नहीं चलेगा, बल्कि दोनों धार्मिक न्यासों के शीर्ष प्रबंधन और मुख्य प्रबंधकों की भूमिका की भी सघन पड़ताल होनी चाहिए।
निचले स्तर की हेराफेरी बिना शह के मुमकिन नहीं’, ‘एक्स’ पर मायावती का फूटा गुस्सा
बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक के बाद एक तीखे पोस्ट साझा करते हुए सरकार और जांच एजेंसियों को घेरा। उन्होंने लिखा:
“अयोध्या में श्रीराम मंदिर के बाद अब उत्तराखंड के पावन बद्रीनाथ धाम में भी श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित चोरी और भारी गबन का मामला मीडिया की सुर्खियों में बना हुआ है। इन दोनों विख्यात और वैश्विक धार्मिक स्थलों के ट्रस्ट से सीधे तौर पर जुड़े मुख्य प्रबंधकों की जवाबदेही तय होनी चाहिए और उनकी सही से जांच की जानी चाहिए। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो भविष्य में इन पदों पर बैठने वाले अन्य मुख्य प्रबंधक भी व्यवस्था का फायदा उठाकर इसका दुरुपयोग कर सकते हैं।”
मायावती ने जनभावनाओं और चर्चाओं का हवाला देते हुए आगे कहा कि आम जनता के बीच इस बात को लेकर गहरा संदेह है कि निचले स्तर पर जो भी करोड़ों रुपए की वित्तीय गड़बड़ी या चोरी हुई है, वह बिना शीर्ष अधिकारियों की मर्जी या मौन सहमति के संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि या तो इसमें मुख्य प्रबंधकों की प्रत्यक्ष मिलीभगत (साठगांठ) है या फिर उनकी घोर प्रशासनिक लापरवाही के कारण आस्था की कमाई लूटी गई है। इसलिए सरकार और विशेष जांच दल (SIT) को इस संवेदनशील प्रकरण की तय समय सीमा के भीतर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी होगी।
विपक्ष को भी घेरा: कहा— कोरी राजनीति करने के बजाय सपा-कांग्रेस सरकार को दें ठोस सबूत
अपने बयानों में केवल सरकार और ट्रस्ट को ही नहीं, बल्कि मायावती ने मामले पर शोर मचा रहे विपक्षी दलों— समाजवादी पार्टी (सपा), कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि इन दलों के तमाम वरिष्ठ नेता जिस तरह से श्रीराम मंदिर के चढ़ावे में मोटी रकम की चोरी और गबन होने के बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, उनसे भी जांच एजेंसियों को तुरंत संपर्क साधना चाहिए।
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि यदि इन विपक्षी नेताओं के पास भ्रष्टाचार के कोई पुख्ता और अकाट्य सबूत हैं, तो वे उन्हें तुरंत सार्वजनिक करें या एसआईटी को सौंपें, ताकि कोई भी असली गबनकर्ता या चोर कानून की गिरफ्त से बच न सके। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर विपक्ष के पास कोई ठोस साक्ष्य नहीं है और वे केवल हवा में तीर चला रहे हैं, तो इसे जनहित और श्रद्धा से जुड़ा मुद्दा नहीं बल्कि ‘कोरी राजनीति’ ही माना जाएगा।
‘जनहित के असल मुद्दों को दरकिनार कर चुनाव में जाने की फिराक में दल’
मायावती ने आगामी राजनीतिक परिदृश्य पर कटाक्ष करते हुए कहा कि राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी पुरजोर चर्चा है कि तमाम पार्टियां अब महंगाई, बेरोजगारी और विकास जैसे वास्तविक जनहित के मुद्दों को पूरी तरह दरकिनार करना चाहती हैं। वे इन परम पूजनीय धार्मिक स्थलों पर उपजे विवादों की आड़ में आगामी चुनावों की वैतरणी पार करने की फिराक में हैं। उन्होंने साफ किया कि आस्था का राजनीतिकरण किसी भी सूरत में नहीं होना चाहिए, बल्कि अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए।
राम मंदिर के बाद अब बद्रीनाथ धाम भी आया रडार पर, गठित हुई 4 सदस्यीय कमेटी
गौरतलब है कि अयोध्या के राम मंदिर परिसर में दानपात्र की गिनती के दौरान सामने आई चोरी की घटना के तुरंत बाद, उत्तराखंड के चार धामों में से एक बद्रीनाथ धाम में भी तीर्थयात्रियों द्वारा अर्पित किए गए चढ़ावे और दान के प्रबंधन में कई तरह की प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे हैं।
इस घटना के बाद से ही सनातन धर्मावलंबियों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। मामले के तूल पकड़ते ही बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने आंतरिक दबाव में आते हुए इन सभी वित्तीय आरोपों की गहराई से जांच करने के लिए आनन-फानन में एक चार सदस्यीय उच्च-स्तरीय जांच समिति का गठन कर दिया है। यह समिति मंदिर के पूरे लेखा-जोखा की जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिस पर देश भर के श्रद्धालुओं की नजरें टिकी हुई हैं।





















































