दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में मानसून की दस्तक के बावजूद आम जनजीवन को राहत मिलती नहीं दिख रही है। आसमान में बादलों का लुका-छिपी का खेल लगातार जारी है, लेकिन झमाझम बारिश के अभाव में लोगों को भारी उमस और चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग (IMD) ने एक बार फिर दिल्ली-एनसीआर के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए आज हल्की से मध्यम स्तर की बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है।
गर्मी और उमस से हाल बेहाल, मानसून की सक्रियता पर सवाल
मानसून की सक्रियता फिलहाल पूरे क्षेत्र में सुस्त बनी हुई है। आलम यह है कि दिन के समय जब सूरज की तपिश बढ़ती है, तो नमी (Humidity) के कारण लोगों का पसीना सूखने का नाम नहीं लेता। वातावरण में बनी 70 से 85 प्रतिशत तक की आर्द्रता (Humidity) ने लोगों के लिए असहजता और अधिक बढ़ा दी है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बादलों की लगातार आवाजाही का सिलसिला जारी है, जिससे कुछ स्थानों पर छिटपुट बारिश तो हो रही है, लेकिन व्यापक बारिश का दौर अभी नदारद है।
आज के मौसम पूर्वानुमान की बात करें तो, अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। सुबह से ही आसमान में बादलों का डेरा रहेगा, जो दिन ढलने तक हल्की से मध्यम बारिश में तब्दील हो सकता है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की भी उम्मीद है, जो गरज-चमक के साथ जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं।
अगले 7 दिनों का मौसम: कब मिलेगी राहत?
आईएमडी के सात दिवसीय आंकड़ों के अनुसार, आने वाले दिनों में मानसून का मिजाज कुछ ऐसा रहने वाला है:
- 8 और 9 जुलाई: गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। तापमान में थोड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है, जहां अधिकतम 33 डिग्री और न्यूनतम 23-25 डिग्री के बीच रहने की संभावना है।
- 10 जुलाई: गरज-चमक के साथ बारिश जारी रहने का अनुमान है, जिससे तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा।
- 11 और 12 जुलाई: बारिश की सक्रियता में थोड़ी कमी दर्ज की जा सकती है। 12 जुलाई तक अधिकतम तापमान वापस 37 डिग्री सेल्सियस तक चढ़ने की आशंका है, जो फिर से लोगों को गर्मी का अहसास कराएगा।
विशेषज्ञों की राय: मानसून क्यों है धीमा?
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान में मानसून की ट्रफ लाइन और अन्य मौसमी परिस्थितियां दिल्ली-एनसीआर के ऊपर उस तरह से सक्रिय नहीं हो पाई हैं जैसी अपेक्षित थीं। यही कारण है कि बारिश केवल स्थानीय प्रभाव या कम दबाव के क्षेत्रों तक ही सीमित रह रही है। फिलहाल, अगले कुछ दिनों तक मौसम के इसी तरह ‘मिले-जुले’ रहने की संभावना है, जहां दिनभर बादलों की लुका-छिपी के बीच कहीं-कहीं बूंदें तो कहीं भारी उमस बनी रहेगी।
हालांकि, राहत की बात यह है कि रुक-रुक कर होने वाली बारिश से तापमान बहुत अधिक ऊपर नहीं जा रहा है, लेकिन वास्तविक मानसून वाली ठंडक के लिए दिल्लीवासियों को अभी कुछ और दिन इंतजार करना पड़ सकता है।





















































