उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) गठबंधन को आड़े हाथों लेते हुए एक बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। प्रतापगढ़ की धरती से विपक्ष को घेरते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि जो दल कभी भगवान राम के वजूद को नकारते थे और बाबरी ढांचे के ढहने पर विलाप करते थे, वे आज गिरगिट की तरह रंग बदलकर सनातन आस्था की दुहाई दे रहे हैं। सीएम योगी ने दोटूक लहजे में कहा कि जनता के सामने बेनकाब हो चुके इन दलों के पास अब केवल दो ही एजेंडे बचे हैं— समाज को जाति के आधार पर बांटना और भारतीय सनातन परंपरा पर कुठाराघात करना।
प्रतापगढ़ को मिली ₹384 करोड़ की सौगात, विकास के मंच से विपक्ष पर बरसे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को प्रतापगढ़ के विश्वनाथगंज विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक भव्य जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने क्षेत्र के चहुंमुखी विकास के लिए 384 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली 111 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस विकासपरक मंच का उपयोग करते हुए सीएम योगी ने पूर्ववर्ती सरकारों की प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि हाल के दिनों में विपक्षी दलों ने भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक चेतना को चोट पहुंचाने की पुरजोर कोशिश की है, लेकिन देश और प्रदेश की जागरूक जनता अब उनके असली इरादों और विभाजनकारी मंसूबों को बहुत अच्छी तरह समझ चुकी है।
‘राम के अस्तित्व को नकारने वाले और कारसेवकों के दमनकारी न बदलें अपना रंग’
कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के इतिहास पर तीखा तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने उनके पुराने बयानों और फैसलों की याद दिलाई। सीएम योगी ने कहा: “यह वही कांग्रेस पार्टी है जिसने कभी देश की सर्वोच्च अदालत में हलफनामा देकर कहा था कि भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण का कोई ऐतिहासिक अस्तित्व ही नहीं था। आज वही लोग अयोध्या जाकर आस्था का ढोंग कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने हमेशा विवादित बाबरी ढांचे का खुलकर समर्थन किया और उसके लिए घड़ियाली आंसू बहाए।”
उन्होंने आगे कहा कि रामभक्तों और सनातनियों द्वारा अयोध्या की आस्था की बात करना पूरी तरह स्वाभाविक और न्यायसंगत है। लेकिन जिन राजनीतिक दलों ने सत्ता में रहते हुए निहत्थे रामभक्तों और कारसेवकों पर क्रूरतापूर्वक गोलियां चलवाईं, उन्हें धार्मिक आस्था या नैतिकता पर उपदेश देने का कोई वैधानिक अथवा नैतिक अधिकार नहीं है। वे केवल आगामी चुनावी लाभ के लिए ऐसा स्वांग रच रहे हैं।
‘धार्मिक स्थलों के बजट से बनती थी कब्रिस्तानों की बाउंड्री, जनता सब जानती है’
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सपा-कांग्रेस समर्थित सरकारों पर तुष्टिकरण की राजनीति करने और बहुसंख्यक समाज की सांस्कृतिक विरासत की अनदेखी करने का सीधा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों के कार्यकाल में हिंदू धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के स्थलों के जीर्णोद्धार और संरक्षण की पूरी तरह उपेक्षा की जाती थी।
सीएम योगी ने जनता को याद दिलाते हुए कहा कि उस दौर में जनता की गाढ़ी कमाई और धार्मिक स्थलों के लिए आवंटित होने वाले सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग केवल कब्रिस्तानों की चारदीवारी (बाउंड्री वॉल) के निर्माण में किया जाता था। उन्होंने सवाल दागा कि ऐसे भेदभावपूर्ण कार्य करने वाले नेताओं को आज यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे आखिर किस वर्ग की आस्था और सम्मान की बात कर रहे हैं।
विकास और विरासत का समन्वय ही डबल इंजन सरकार का संकल्प
अपने संबोधन के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश अब तुष्टिकरण और जातिवादी राजनीति के दौर से बहुत आगे निकल चुका है। भटकाव की राजनीति करने वाले दल अब कभी अपने इरादों में कामयाब नहीं होंगे क्योंकि प्रदेश की जनता अब उनके झांसे में आने वाली नहीं है।
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि मौजूदा डबल इंजन की सरकार राज्य में ‘विकास भी और विरासत भी’ के मूल मंत्र पर काम कर रही है। सरकार जहां एक तरफ आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और जनकल्याणकारी योजनाओं से प्रदेश की तस्वीर बदल रही है, वहीं दूसरी तरफ अपनी प्राचीन सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को भी पूरे गौरव के साथ पुनर्स्थापित कर रही है।





















































