अयोध्या के भव्य राम मंदिर परिसर में हुए चढ़ावा चोरी मामले में जांच एजेंसियों ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की परतें खोलने के लिए पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है, जहां स्थानीय अदालत ने प्रकरण के तीन मुख्य आरोपियों को एक दिन की पुलिस रिमांड पर सौंप दिया है। रिमांड मिलते ही पुलिस ने तीनों आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ शुरू कर दी है, जिसका मुख्य उद्देश्य चोरी की गई कुल धनराशि का सटीक पता लगाना, संदिग्ध वित्तीय लेनदेन को खंगालना और बैंक खातों से जुड़े गुप्त दस्तावेजों को उजागर करना है।
रिमांड पर आए लवकुश, अनुकल्प और करुणेश; वित्तीय कड़ियों की होगी पड़ताल
न्यायालय के आदेश के बाद जिन तीन आरोपियों को पुलिस हिरासत में लिया गया है, उनमें लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा और करुणेश पांडेय शामिल हैं। अयोध्या पुलिस का आधिकारिक तौर पर मानना है कि इस पूरे वित्तीय हेरफेर की तह तक जाने के लिए इन आरोपियों से रिमांड के दौरान आमने-सामने पूछताछ करना बेहद जरूरी था।
जांच अधिकारियों को गहरा संदेह है कि राम मंदिर के चढ़ावे से चुराई गई बड़ी राशि को न केवल विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया, बल्कि उसका इस्तेमाल महंगे सामानों की खरीद-फरोख्त और अन्य निवेशों में भी किया गया है। पुलिस का कहना है कि बैंक रिकॉर्ड, डिजिटल वॉलेट और ऑनलाइन लेनदेन की गहन पड़ताल से इस घोटाले से जुड़े कई नए और चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं।
आरोपियों के पास से बरामद हो चुकी है लाखों की नकदी
इस सनसनीखेज मामले की शुरुआती तफ्तीश के दौरान ही पुलिस और विशेष जांच टीम ने आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी कर भारी मात्रा में कैश बरामद किया था। अब तक की गई जब्ती के आंकड़ों पर नजर डालें तो आरोपियों के पास से बरामद रकम इस प्रकार है:
करुणेश पांडेय₹18.07 लाख
अनुकल्प मिश्रा₹16.82 लाख
लवकुश मिश्रा₹14.25 लाख
पुलिस अब 24 घंटे की इस रिमांड अवधि में मुख्य रूप से इसी बात की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है कि इतनी बड़ी नकदी का असली स्रोत क्या है? क्या यह पूरी राशि सीधे तौर पर मंदिर के दानपात्र से गायब किए गए चढ़ावे का हिस्सा है या इसके पीछे कोई और वित्तीय साठगांठ है।
पत्नी के बैंक खाते में जमा 18 लाख रुपए ने बढ़ाया संदेह, रडार पर कई ट्रांजैक्शन
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, रिमांड के दौरान आरोपियों से उनकी हालिया अचल संपत्तियों की खरीद, बड़े नकद भुगतानों और अन्य संदिग्ध बैंक खातों के संबंध में तीखे सवाल पूछे जा रहे हैं। इस पूरे मामले में एक नया मोड़ तब आया जब आरोपी करुणेश पांडेय की पत्नी के बैंक खाते की जानकारी सामने आई।
जांच में पता चला है कि करुणेश की पत्नी के खाते में अचानक 18 लाख रुपए की बड़ी रकम जमा की गई थी, जिसे लेकर पुलिस का संदेह गहरा गया है। पुलिस इस विशिष्ट रकम के वैध स्रोत और जमा करने की क्रोनोलॉजी की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह साबित किया जा सके कि यह राशि भी अपराध की कमाई का हिस्सा है।
SIT की रडार पर 6 नाम, आगे और भी हो सकते हैं बड़े खुलासे
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अब तक की जांच में पुख्ता और प्रथम दृष्टया साक्ष्य पाए जाने के बाद कुल छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। इन नामजद आरोपियों में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय और रामाशंकर मिश्रा शामिल हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस एक दिन की रिमांड के दौरान होने वाली पूछताछ, डिजिटल फॉरेंसिक डेटा और बैंक स्टेटमेंट के मिलान से कुछ और बड़े चेहरों के नाम सामने आ सकते हैं। पुलिस को उम्मीद है कि आरोपियों के बयानों के आधार पर आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी वित्तीय बरामदगी की जा सकती है, जिससे इस संवेदनशील मामले का पूरी तरह पर्दाफाश हो सकेगा।





















































