झांसी: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के पावन अवसर पर समूचे उत्तर प्रदेश में उत्साह और ऊर्जा का अनूठा संगम देखने को मिला। राज्य भर में आयोजित सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रमों के माध्यम से ‘योग से स्वास्थ्य’ का संदेश दिया गया। इस श्रृंखला में झांसी के ऐतिहासिक किले के मैदान में राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हजारों नागरिकों के साथ योग के विभिन्न आसनों का अभ्यास किया।
योग को वैश्विक पहचान दिलाने का श्रेय प्रधानमंत्री को
झांसी की ऐतिहासिक और वीरों की धरती से प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन योग विधा को वैश्विक मंच पर गौरवशाली पहचान दिलाने का संपूर्ण श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को जाता है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व ने न केवल भारत की सांस्कृतिक विरासत को विश्व स्तर पर स्थापित किया, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों में एक नई ऊर्जा का संचार भी किया है। उनके प्रयासों से ही आज पूरा विश्व योग की शक्ति को स्वीकार कर रहा है, जो विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में एक सशक्त कदम है।
महारानी लक्ष्मीबाई को किया नमन
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की महानायिका, वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई को श्रद्धापूर्वक याद किया। झांसी की पावन धरा पर योग दिवस का हिस्सा बनने को उन्होंने अपना सौभाग्य बताते हुए कहा कि यह धरती शौर्य और बलिदान की प्रतीक है। उन्होंने कहा कि योग के माध्यम से हम अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ कर उसी दृढ़ संकल्प के साथ राष्ट्र सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ सकते हैं।
प्रदेश भर में फैला योग का उल्लास
केवल झांसी ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के हर कोने में योग दिवस का प्रभाव दिखा। राजधानी लखनऊ में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विशेष कार्यक्रम की कमान संभाली। इसके अतिरिक्त, प्रदेश के उपमुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, विधान परिषद सभापति और सरकार के सभी मंत्री अपने-अपने क्षेत्रों में निर्धारित कार्यक्रमों में शामिल हुए। प्रदेश के सभी मंडल, जिले, नगर निकाय और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों की पंचायतों तक में सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जो भारत की गौरवशाली परंपरा के प्रति जन-भागीदारी को प्रदर्शित करते हैं।
‘स्वस्थ शरीर’ है प्रगति का आधार
इस वर्ष के योग दिवस की थीम ‘योगा फॉर हेल्दी एजिंग’ पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए योग केवल एक दिन की गतिविधि नहीं, बल्कि दैनिक जीवनशैली होनी चाहिए। भारतीय संस्कृति का मूल मंत्र ही यही है कि एक स्वस्थ शरीर के माध्यम से ही जीवन के चारों पुरुषार्थों को सिद्ध किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि एक स्वस्थ समाज ही सशक्त राष्ट्र की नींव है। उन्होंने कहा, “जब हमारा छात्र, किसान, श्रमिक, वैज्ञानिक और हर एक नागरिक स्वस्थ होगा, तभी हम एक मजबूत और समृद्ध भारत का निर्माण कर पाएंगे।” अंत में, उन्होंने सभी प्रदेशवासियों का आह्वान किया कि वे योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाएं और खुद को स्वस्थ रखकर राष्ट्र की प्रगति में योगदान दें।





















































