उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का कड़ा प्रहार जारी है। चर्चित विनीत राय हत्याकांड में फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश कमलेश चौधरी उर्फ कमलेश बिंद को यूपी पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बुधवार शाम एक भीषण मुठभेड़ में मार गिराया है। इस खूनी गोलीबारी में एसओजी (SOG) प्रभारी भी गोली लगने से घायल हुए हैं, जिन्हें फौरन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह एनकाउंटर पुलिस की उस बड़ी कार्रवाई का हिस्सा है, जो शहर के एक नामी होटल कारोबारी के बेटे की सरेआम हत्या के बाद शुरू की गई है।
सदर कोतवाली के कुर्था में पुलिस और बदमाशों के बीच बिछी बिसात
गाजीपुर पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम लगातार हत्यारों की तलाश में सघन चेकिंग और दबिश दे रही थी। इसी बीच मुखबिर तंत्र से एक सटीक सूचना मिली कि घटना का मुख्य आरोपी कमलेश बिंद सदर कोतवाली क्षेत्र के कुर्था इलाके में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी कर ली। पुलिस को देखते ही खूंखार बदमाश ने सरेंडर करने के बजाय सीधे टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी मोर्चा संभाला। इस भीषण क्रॉस-फायरिंग में एसओजी प्रभारी रोहित मिश्रा को गोली लग गई, जबकि पुलिस की अचूक गोली का निशाना कमलेश बिंद बना। दोनों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने कमलेश को मृत घोषित कर दिया। वहीं, एसओजी प्रभारी का उपचार चल रहा है और उनकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।
4 नकाबपोश, 2 पिस्टल और विनीत राय का बेरहमी से कत्ल
कमलेश बिंद की मौत से उस खौफनाक वारदात का पहला हिसाब पूरा हुआ है, जिसने पूरे गाजीपुर को दहला कर रख दिया था। गौरतलब है कि बीते शुक्रवार की रात शहर के प्रतिष्ठित होटल व्यवसायी आलोक राय के बेटे विनीत राय की निर्मम हत्या कर दी गई थी। वारदात उस वक्त हुई जब विनीत अपने होटल से निकलकर अपनी कार की तरफ बढ़ रहे थे। पहले से घात लगाए बैठे चार नकाबपोश हमलावरों ने उन्हें चारो तरफ से घेर लिया और दो पिस्टलों से बिना कोई मौका दिए अंधाधुंध गोलियां बरसाईं। विनीत के सीने, कमर और हाथ में कुल चार गोलियां लगीं, जिससे उनका अत्यधिक खून बह गया और अंततः उनकी दर्दनाक मौत हो गई। इस दुस्साहसिक वारदात ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी थी।
डीआईजी का सख्त एक्शन और बाकी हत्यारों की सरगर्मी से तलाश
होटल कारोबारी के बेटे की सरेआम हत्या को चुनौती मानते हुए वाराणसी परिक्षेत्र के डीआईजी (DIG) वैभव कृष्ण ने मामले में बेहद कड़ा रुख अपनाया था। उन्होंने नामजद चारों आरोपियों— शंकर पांडेय, जगदीश सिंह यादव उर्फ सोनू यादव, आलोक दुबे और कमलेश चौधरी उर्फ कमलेश बिंद— पर तत्काल प्रभाव से 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया था। हत्यारों को पाताल से भी खोज निकालने के लिए पुलिस की चार स्पेशल और तेज-तर्रार टीमें गठित की गई थीं। इन्ही टीमों के सघन अभियान का परिणाम कमलेश बिंद का एनकाउंटर रहा। पुलिस का कहना है कि बाकी बचे तीनों फरार इनामी हत्यारों की तलाश भी युद्ध स्तर पर जारी है और जल्द ही उन्हें भी सख्त कानूनी अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।













































