मथुरा। वृंदावन की पवित्र नगरी में एक ऐसे फर्जी साधु का पर्दाफाश हुआ है, जो ऑनलाइन प्रवचनों और भजन-कीर्तन की आड़ में युवतियों का शोषण करता था। मथुरा पुलिस ने अभिषेक मिश्रा उर्फ अधिकार्ता नारायण दास नाम के इस आरोपी को राधाकुंड इलाके से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर गंभीर आरोप हैं कि वह धार्मिक विश्वास का लाभ उठाकर युवतियों को नशीला पदार्थ देता था, उनके साथ दुष्कर्म करता था और फिर उनकी अश्लील तस्वीरें व वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करता था।
🕉️ धर्म का आवरण: ऑनलाइन प्रवचन से पीड़िताओं तक पहुंच बनाता था आरोपी
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी विशेष रूप से उच्च शिक्षित युवतियों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों में काम करने वाली महिलाओं को अपना शिकार बनाता था। वह सबसे पहले ऑनलाइन सत्संग और धार्मिक कार्यक्रमों के जरिए उनसे संपर्क साधता था। आध्यात्मिकता का भेष बनाकर वह उनका विश्वास जीत लेता था और फिर उन्हें अपने आश्रम में बुलाता था। यहीं से उसके अपराधों की शुरुआत होती थी।
🔪 मई में हुई घटना बनी नींव का पत्थर
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब छत्तीसगढ़ की एक युवती के परिजनों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। दरअसल पीड़िता की बहन राधाकुंड में इंटर्नशिप कर रही थी और वह आरोपी के संपर्क में आ गई थी। 15 मई को जन्मदिन मनाने के लिए जब युवती मथुरा आई, तो आरोपी ने उसे प्रसाद का भोज कराते हुए नशीला दूध पिला दिया। जांच में पता चला कि इसके बाद वह अचेत हो गई और आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। बाद में उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई।
परिजनों की शिकायत पर 25 मई को गोवर्धन थाने में मामला दर्ज किया गया। तभी से पुलिस ने इस मामले की गहन जांच शुरू कर दी।
🎓 IIT रुड़की की डिग्री से लेकर आश्रम तक का सफर
पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपी अभिषेक मिश्रा मूल रूप से ओडिशा का रहने वाला है। उसने वर्ष 2021 में आईआईटी रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने एक निजी कंपनी में नौकरी भी की, लेकिन बाद में नौकरी छोड़कर उसने मथुरा के राधाकुंड क्षेत्र में रहना शुरू कर दिया और खुद को एक साधु के रूप में स्थापित कर लिया।
🏚️ आश्रम के नाम पर चल रहा था अवैध कारोबार
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि ब्लैकमेलिंग से कमाए गए धन से आरोपी ने राधाकुंड में एक मकान खरीद लिया था और उसे आश्रम का स्वरूप दे दिया था। यहीं से वह अपने गिरोह का संचालन करता था। गिरफ्तारी के समय पुलिस ने इसी आश्रम से दो युवतियों और एक बालक को सुरक्षित बरामद किया है। इन सभी को तत्काल सहायता के लिए नशा मुक्ति केंद्र भेज दिया गया है।
📱 मोबाइल में मिले अश्लील वीडियो, बढ़ सकती है मुश्किल
एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि आरोपी के मोबाइल फोन से एक दर्जन से अधिक युवकों और युवतियों की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बरामद किए गए हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी झूठे विवाह के नाम पर लोगों को अपने जाल में फंसाता था और फिर उन्हें कैद कर लेता था।
फिलहाल पुलिस आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस पूरे नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं। इस मामले में जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।





















































