उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में अंधविश्वास के नाम पर खूनी संघर्ष
उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाला एक बेहद वीभत्स मामला सामने आया है, जहां अंधविश्वास और ओझा-गुणी के वहम ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया। जादू-टोने के अंधविश्वास में डूबे कुछ पड़ोसियों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए एक युवक को मौत के घाट उतार दिया। मूसानगर थाना क्षेत्र के गलौली गांव में हुई इस सनसनीखेज वारदात से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस जघन्य हत्याकांड में संलिप्त सभी आरोपियों को धर दबोचा है और उनके पास से खून से सना हथियार भी बरामद कर लिया है।
क्या है पूरा मामला और कैसे हुआ खूनी हमला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना गुरुवार की है जब मृतक रामगणेश (उम्र 30 वर्ष) अपने घर के बाहर मौजूद था। इसी दौरान उसके पड़ोसी वहां पहुंचे और उस पर काला जादू करने का बेबुनियाद आरोप मढ़ने लगे। आरोपियों ने रामगणेश पर दबाव बनाया कि वह इस बात को कुबूल करे कि उसके परिवार ने उनकी बीमार बेटी पर कोई जादू-टोना किया है।
जब रामगणेश ने इस तरह के किसी भी अंधविश्वासपूर्ण और झूठे आरोप को मानने से साफ इनकार कर दिया, तो आरोपी गुस्से से आगबबूला हो उठे। बात इतनी बढ़ गई कि आरोपियों ने बेरहमी से उसकी पिटाई की और उसके पेट में ताबड़तोड़ कई बार चाकू घोंप दिए। इस अचानक हुए कातिलाना हमले से रामगणेश लहूलुहान होकर मौके पर ही अनाथ होकर गिर पड़ा और गंभीर रूप से घायल हो गया।
अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
खून से लथपथ हालत में पड़े रामगणेश को उसकी पत्नी रचना ने तुरंत अपनी सूझबूझ और हिम्मत दिखाते हुए जिला अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। चिकित्सा अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचते ही रामगणेश को मृत घोषित कर दिया, जिससे परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में मातम पसर गया। पत्नी रचना की चीख-पुकार से अस्पताल का माहौल गमगीन हो गया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, तीनों आरोपी गिरफ्तार
भोगनीपुर के पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) राजीव सिरोही ने मीडिया को पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में मृतक की पत्नी रचना की लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए नामजद तीनों आरोपियों—सत्यम कश्यप, उसके चचेरे भाई राघवेंद्र कश्यप और राघवेंद्र की पत्नी राधा कश्यप—को गिरफ्तार कर लिया है।
सीओ सिरोही के अनुसार, यह पूरा विवाद तब पनपा जब आरोपियों की बेटी की तबीयत लंबे समय से खराब चल रही थी और वे अपनी नाकामी का ठीकरा रामगणेश के पिता पन्नालाल पर फोड़ते हुए उन पर काला जादू करने का अंधविश्वास पाल बैठे थे। पुलिस ने हत्या की इस वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू भी आरोपियों की निशानदेही पर बरामद कर लिया है। फिलहाल, पुलिस इस क्रूर अपराध में आगे की वैधानिक कार्रवाई तेजी से पूरी कर रही है ताकि अपराधियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।











































