नोएडा। दिल्ली से सटे गौतमबुद्धनगर जिले में उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया जब सोमवार, 12 अक्टूबर को शहर के लगभग एक दर्जन प्रतिष्ठित स्कूलों को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की सनसनीखेज धमकी प्राप्त हुई। इस अप्रत्याशित संदेश के सामने आते ही कमिश्नरेट पुलिस, सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। मामले की नजाकत को भांपते हुए पुलिस महकमे ने तुरंत मोर्चा संभाला और बिना किसी देरी के सघन तलाशी अभियान छेड़ दिया। संवेदनशील संस्थानों में बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वॉड, एंटी-सबोटाज यूनिट और दमकल विभाग की गाड़ियों को तैनात कर दिया गया। शुरुआती तकनीकी और भौतिक जांच में किसी भी तरह की आपत्तिजनक या संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है।
कई प्रमुख संस्थानों को निशाना बनाने की साजिश
प्राप्त विवरण के अनुसार, अज्ञात स्रोत से भेजे गए इस धमकी भरे ई-मेल की जद में नोएडा के कई बड़े शिक्षण संस्थान आए हैं। चिन्हित परिसरों में सेक्टर-16 स्थित एपीजे स्कूल, स्टेप बाय स्टेप और डीपीएस जीबीएन जैसे नामी विद्यालय शामिल बताए जा रहे हैं। सोमवार सुबह सामान्य दिनों की तरह कक्षाओं का संचालन शुरू ही हुआ था कि ई-मेल की खबर फैलते ही स्कूल प्रशासन, छात्र-छात्राओं और उनके परिजनों के बीच गहरा तनाव और घबराहट फैल गई। बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कुछ प्रबंधनों ने फौरी तौर पर छुट्टी की घोषणा कर दी और विद्यार्थियों को सुरक्षित उनके घर भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
परिसरों में सघन तलाशी और चप्पे-चप्पे पर पहरा
गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारियों ने बताया कि 12 अक्टूबर की सुबह ई-मेल के माध्यम से मिली इस सूचना पर संबंधित थाना क्षेत्रों की पुलिस ने त्वरित प्रतिक्रिया दी। सभी सुरक्षा दस्तों ने आपस में समन्वय स्थापित कर चिह्नित परिसरों के चप्पे-चप्पे को खंगालना शुरू किया। डॉग स्क्वॉड की मदद से कक्षाओं, खेल के मैदानों, वाहनों की पार्किंग, बेसमेंट और प्रयोगशालाओं की बारीकी से पड़ताल की गई। एंटी-सबोटाज टीम ने आधुनिक उपकरणों के जरिए संवेदनशील कोनों की जांच की। अधिकारियों का कहना है कि अब तक की सघन जांच में खतरे का कोई भी साक्ष्य या संदिग्ध सामग्री नहीं मिली है, फिर भी एहतियातन पूरी चौकसी बरती जा रही है।
ई-मेल के डिजिटल स्रोत खंगालने में जुटी साइबर सेल
धमकी भरे संदेश के पीछे छिपे असामाजिक तत्वों की पहचान के लिए साइबर क्राइम यूनिट को तुरंत सक्रिय कर दिया गया है। तकनीकी विशेषज्ञ ई-मेल के आईपी एड्रेस, डोमेन, सर्वर लोकेशन और रूटिंग पाथ की तकनीकी पड़ताल कर रहे हैं। साइबर टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह संदेश किसी वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) अथवा प्रॉक्सी सर्वर के जरिए भेजा गया है या इसके पीछे कोई स्थानीय शरारती तत्व है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच प्रक्रिया पूरी होने से पहले इस कृत्य के पीछे की वास्तविक मंशा के बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।
स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में, अफवाहों से बचने की सलाह
गौतमबुद्धनगर पुलिस ने अभिभावकों और नागरिकों को आश्वस्त करते हुए स्पष्ट किया है कि जमीनी स्तर पर हालात पूरी तरह सामान्य और शांतिपूर्ण हैं। शहर के सभी प्रभावित और आसपास के शैक्षणिक संस्थानों में निरंतर निगरानी रखी जा रही है। कमिश्नरेट पुलिस ने जनता से विनम्र अपील की है कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर फैलने वाली अपुष्ट सूचनाओं, भ्रामक संदेशों अथवा निराधार अफवाहों पर कतई ध्यान न दें। किसी भी संशय की स्थिति में केवल आधिकारिक बयानों और प्रामाणिक सूचना स्रोतों पर ही विश्वास करें। पुलिस बल पूरी गंभीरता और तकनीकी दक्षता के साथ मामले की तह तक पहुंचने में जुटा हुआ है।




















































