नोएडा। दिल्ली से सटे हाईटेक शहर नोएडा में मानसून के बाद हुई मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर बुनियादी नागरिक सुविधाओं और जलनिकासी तंत्र की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। सोमवार, 12 अक्टूबर को शहर के सेक्टर-95 स्थित अंडरपास में भारी जलभराव के चलते एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। चार से पांच फीट तक गहरे जमा पानी के बीच गुजर रही एक रेनॉल्ट ट्राइबर कार अचानक इंजन बंद होने के कारण वहीं जलमग्न हो गई। वाहन के चारों ओर पानी का स्तर तेजी से बढ़ते देख उसमें मौजूद यात्रियों के होश उड़ गए। जान पर बन आई तो सवारों ने गजब की सूझबूझ और साहस दिखाते हुए वाहन का शीशा तोड़ डाला और खिड़की के रास्ते बाहर निकलकर अपनी जान बचाई।
गुरुग्राम से बुलंदशहर जाते वक्त बीच रास्ते में गहराया संकट
प्राप्त विवरण के अनुसार, कार सवार यात्री गुरुग्राम से बुलंदशहर की ओर अपनी यात्रा पर निकले थे। सफर के दौरान जैसे ही उनका चार पहिया वाहन सेक्टर-95 अंडरपास में प्रविष्ट हुआ, आगे जमा पानी की अथाह गहराई का सही अनुमान नहीं लग सका। कुछ ही क्षणों में गाड़ी चार से पांच फीट गहरे सैलाब के बीच फंस गई और आगे बढ़ने में पूरी तरह असमर्थ हो गई। वाहन के भीतर पानी रिसने और दरवाजे लॉक हो जाने के गंभीर खतरे को देखते हुए यात्रियों ने बिना समय गंवाए खिड़की का शीशा तोड़ा और एक-एक करके सुरक्षित बाहर आ गए। समय रहते उठाए गए इस साहसिक कदम से किसी भी जनहानि की नौबत नहीं आई।
डायल-112 पर मिली सूचना, बचाव दल ने रस्सी से खींची गाड़ी
घटना की गंभीरता को देखते हुए आपातकालीन नंबर डायल-112 के माध्यम से स्थानीय प्रशासन को तत्काल अवगत कराया गया। थाना फेस-1 क्षेत्र की स्थानीय पुलिस और फायर सर्विस यूनिट को फौरन राहत व बचाव कार्य के लिए मौके पर रवाना किया गया। जब तक पुलिस और अग्निशमन दस्ते की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं, तब तक वाहन सवार सभी लोग खुद को पानी से बाहर निकाल चुके थे। इसके पश्चात राहतकर्मियों ने मोर्चा संभाला और गहरे पानी में फंसी रेनॉल्ट ट्राइबर कार को मजबूत रस्सियों के सहारे बांधकर सुरक्षित खींच निकाला।
सेक्टर-95 अंडरपास में जलभराव की पुरानी बीमारी, हर बारिश में बढ़ता है जोखिम
सेक्टर-95 का यह अंडरपास वाहन चालकों के लिए पहली बार परेशानी का सबब नहीं बना है। इससे पूर्व के वर्षों में भी हल्की से मध्यम बारिश के बाद इस भूमिगत मार्ग में भारी जलजमाव की घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं और कई वाहन बीच पानी में फंस चुके हैं। चार से पांच फीट तक पानी भर जाने की स्थिति में यह स्थान किसी खतरनाक तालाब में तब्दील हो जाता है, जहां वाहनों के बहने अथवा डूबने का खतरा अत्यंत गंभीर रूप धारण कर लेता है। जलभराव की निरंतर पुनरावृत्ति के बावजूद प्रभावी रोकथाम के अभाव में यात्रियों को अपनी जान जोखिम में डालकर यहां से गुजरना पड़ता है।
प्राधिकरण के दावों की खुली पोल, स्थायी समाधान की दरकार
इस अप्रत्याशित संकट में कार सवारों की त्वरित निर्णय क्षमता ने एक बड़े अनहोने हादसे को टाल दिया, किंतु इस घटना ने नोएडा प्राधिकरण के जलनिकासी प्रबंधन पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। औद्योगिक और आधुनिक शहर कहलाने वाले नोएडा के प्रमुख मार्गों पर जल निकासी के पंपिंग सिस्टम का पूरी तरह काम न करना राहगीरों की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा बन रहा है। नागरिकों और वाहन चालकों की मांग है कि अंडरपासों में वर्षा जल निकासी की व्यवस्था को अत्याधुनिक किया जाए और जलभराव वाले स्थलों पर जलस्तर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, ताकि भविष्य में किसी भी यात्री को अपनी जान दांव पर न लगानी पड़े।




















































