उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा अंतर्गत यमुना एक्सप्रेस-वे पर बुधवार देर रात एक दिल दहला देने वाली त्रासदी सामने आई, जब नई दिल्ली से महोबा जा रही एक डबल डेकर स्लीपर बस में अचानक आग भड़क उठी। जेवर थाना इलाके में घटे इस भयावह अग्निकांड में बस सवार 9 यात्रियों की दम घुटने और झुलसने से मौके पर ही जान चली गई। राहत व बचाव दल ने अत्यंत विषम परिस्थितियों के बीच अदम्य साहस दिखाते हुए 20 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा की है।
आधी रात को माइलस्टोन 33 के पास मची चीख-पुकार
प्राप्त विवरण के मुताबिक, यह अनहोनी उस समय हुई जब निजी बस कश्मीरी गेट, नई दिल्ली से सवारियों को लेकर महोबा की ओर अग्रसर थी। जैसे ही वाहन यमुना एक्सप्रेस-वे पर 33 किलोमीटर के माइलस्टोन के समीप पहुंचा, तभी उसमें अचानक चिंगारी उठी और कुछ ही पलों के भीतर पूरी बस आग की भीषण लपटों से घिर गई। रात के सन्नाटे में नींद के आगोश में डूबे यात्रियों के बीच जान बचाने को लेकर हाहाकार मच गया।
सड़क पर धू-धू कर जलती बस को देखकर राहगीरों ने तत्काल स्थानीय प्रशासन को सूचित किया। हादसे की सूचना पाकर पुलिस के शीर्ष अधिकारी और दमकल विभाग की टीमें बिना किसी देरी के घटनास्थल की ओर रवाना हो गईं।
दमकल की गाड़ियों ने पाया काबू, रेस्क्यू में मिले 9 शव
मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) प्रदीप कुमार ने गुरुवार को प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि आपातकालीन कॉल प्राप्त होते ही जेवर टोल प्लाजा पर मौजूद फायर टेंडर सहित 4 अन्य दमकल गाड़ियां, विशेष रेस्क्यू टेंडर और अग्निशमन यूनिटें मौके पर तैनात कर दी गईं। आग की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि कर्मचारियों को उसे शांत करने में भारी मशक्कत करनी पड़ी।
लपटों पर पूरी तरह नियंत्रण पाने के उपरांत राहत कर्मियों ने धुआंधार और तपते मलबे के बीच प्रवेश कर तलाशी अभियान छेड़ा। अग्निशामकों के प्रयासों से 20 से अधिक यात्रियों को समय रहते जीवनदान मिला, लेकिन भीतर फंसे 9 यात्रियों को बचाया नहीं जा सका। प्रारंभिक चिकित्सकीय आकलन के अनुसार, मृतकों की सांसें दम घुटने और आग की चपेट में आने के कारण थमीं।
एसी ब्लास्ट और लुब्रिकेंट ऑयल बना वजह, ड्राइवर-कंडक्टर हिरासत में
हादसे की तकनीकी जांच में जुटे अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक तौर पर यह आशंका जताई जा रही है कि एयर कंडीशनिंग (AC) यूनिट में शॉर्ट सर्किट या जोरदार धमाका हुआ था। इसके तुरंत बाद इंजन के चिकनाई वाले तेल (लुब्रिकेंट ऑयल) ने आग पकड़ ली, जिससे लपटें चंद सेकेंडों में केबिन से होते हुए पूरी बस में फैल गईं। हालांकि, फॉरेंसिक और तकनीकी दल वास्तविक कारणों की पुष्टि के लिए विस्तृत छानबीन कर रहे हैं।
जेवर थाना पुलिस ने घटना के संदर्भ में संबंधित कानूनी धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। जांच को आगे बढ़ाते हुए बस चालक और परिचालक को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। साथ ही, शवों की पहचान सुनिश्चित करने और उनके परिजनों तक दुखद सूचना पहुंचाने की प्रक्रिया निरंतर जारी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताया शोक, 2-2 लाख की मदद
इस दर्दनाक सड़क हादसे पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा संज्ञान लिया है। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति की प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने जान गंवाने वाले प्रत्येक मृतक के आश्रितों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक अनुग्रह राशि प्रदान करने के निर्देश जारी किए हैं। जिला प्रशासन को प्रभावित लोगों को हरसंभव चिकित्सकीय और प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।





















































